भारत-न्यूजीलैंड FTA: किन सेक्टरों को होगा फायदा? निवेश और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए FTA से व्यापार, निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कई प्रोडक्ट्स पर टैरिफ हटने से भारतीय निर्यात को फायदा होगा। टेक्सटाइल, फार्मा और इंजीनियरिंग सेक्टर मजबूत होंगे, जबकि निवेश बढ़ने से इंफ्रास्ट्रक्चर और MSME सेक्टर में नए अवसर बनेंगे।

भारत और न्यूजीलैंड ने 27 अप्रैल को लंबे समय से लंबित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर साइन कर लिया है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन (Christopher Luxon) ने इसे 'once-in-a-generation' करार देते हुए कहा कि यह समझौता प्रोडक्ट, सर्विस, निवेश और लेबर मोबिलिटी में नए अवसर खोलेगा।
समझौते के दौरान वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) और उनके न्यूजीलैंड समकक्ष टोड मैक्ले (Todd McClay) भी मौजूद रहे।
15 साल का सफर
FTA की बातचीत 2010 में शुरू हुई थी और 2015 में नौ दौर के बाद रुक गई थी। मार्च 2025 में इसे फिर से शुरू किया गया और दिसंबर 2025 में बातचीत पूरी हो गई। इतने कम समय में फाइनल होना इसे भारत के सबसे तेज व्यापार समझौतों में शामिल करता है।
पियूष गोयल ने कहा कि भारत आज दुनिया के साथ आत्मविश्वास और मजबूत स्थिति से रिश्ते बढ़ा रहा है। यह बयान भारत की बदलती वैश्विक व्यापार रणनीति को दर्शाता है।
यह समझौता केवल टैरिफ तक सीमित नहीं है। न्यूजीलैंड भारत के लिए एक हाई-इनकम मार्केट के साथ-साथ पैसिफिक और ओशिनिया क्षेत्र में एंट्री गेट का काम करेगा। 2024-25 में दोनों देशों के बीच माल व्यापार करीब 1.3 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, जबकि आईटी और ट्रैवल जैसे सेक्टर में सर्विस ट्रेड लगातार बढ़ रहा है।
किन सेक्टरों को मिलेगा फायदा?
इस समझौते के तहत हजारों प्रोडक्ट्स पर टैरिफ हटेंगे, जिससे भारतीय निर्यात ज्यादा कंपीटिटिव होगा। टेक्सटाइल, लेदर, इंजीनियरिंग गुड्स, फार्मा और प्रोसेस्ड फूड जैसे सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, भारत ने डेयरी और कुछ कृषि उत्पादों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखा है, जो कुल टैरिफ लाइनों का करीब 30% हैं।
निवेश और रोजगार पर बड़ा असर
समझौते का एक अहम पहलू न्यूजीलैंड का अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर निवेश करने का वादा है। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्रीकल्चर और टेक्नोलॉजी सेक्टर को मजबूती मिलेगी। साथ ही, MSME और रोजगार-प्रधान सेक्टर जैसे टेक्सटाइल, फुटवियर और जेम्स-ज्वेलरी में एक्सपोर्ट बढ़ने से नौकरियों के नए अवसर बन सकते हैं।
भारत-न्यूजीलैंड FTA दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई दिशा देने वाला समझौता माना जा रहा है। अब इसका असर व्यापार, निवेश और रोजगार के मोर्चे पर कितनी तेजी से दिखता है, इस पर नजर रहेगी।