अयोध्या चढ़ावा चोरी केस में नया मोड़! आरोपी के ठिकाने से मिले अमेरिकी डॉलर - पूरी डिटेल यहां

अयोध्या चढावा चोरी केस में अब जांच सिर्फ बरामद कैश तक सीमित नहीं रही। विदेशी करेंसी और क्यूआर कोड से जुडी नई कडियों ने जांच एजेंसियों को पैसों के पूरे रास्ते तक पहुंचने के लिए मजबूर कर दिया है। अब सवाल यह है कि चढावे की रकम की कहानी कितनी गहरी है?

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In Short

  • अयोध्या चढावा चोरी मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला के ठिकाने से 20.39 लाख रुपये कैश के साथ 1121 अमेरिकी डॉलर भी मिले हैं, जिसके बाद जांच का फोकस पैसों के सोर्स पर चला गया है।
  • करुणेश पांडेय, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्रा समेत कई आरोपियों के ठिकानों से लाखों रुपये कैश, सिक्के और जेवर मिलने की बात सामने आई है।
  • एसआईटी अब मंदिर ट्रस्ट के पिछले पांच साल के हिसाब-किताब और “रामराज्य कोष” लिखे संदूक पर लगे क्यूआर कोड से हुए लेनदेन की जांच कर सकती है।

By Gaurav Kumar:

Ayodhya Donation Theft Case: अयोध्या चढावा चोरी मामले में जांच अब नए मोड पर पहुंचती दिख रही है। अब तक पूरा मामला मंदिर के चढावे और बरामदगी के इर्द-गिर्द था, लेकिन अब अमेरिकी डॉलर की लाइन सामने आने के बाद जांच की दिशा और गहरी हो गई है।

इस केस में अब सिर्फ कैश या सामान मिलने की बात नहीं रह गई है। जांच एजेंसियों का ध्यान अब इस बात पर है कि पैसों का सोर्स क्या था और इसके पीछे कोई बड़ा कनेक्शन तो नहीं। यही वजह है कि मामला सिर्फ चोरी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब इसके पीछे की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

 

अमेरिकी डॉलर मिलने से बदली जांच की दिशा

जांच से जुडे दस्तावेजों के मुताबिक, आरोपी अविनाश शुक्ला के ठिकाने से सबसे ज्यादा बरामदगी हुई है। उसके यहां से 20 लाख 39 हजार रुपये कैश के साथ 1121 अमेरिकी डॉलर भी मिले हैं। यही डॉलर अब इस केस का सबसे अहम सवाल बन गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह विदेशी करेंसी कहां से आई और इसका चढावे की रकम से कोई कनेक्शन है या नहीं।

अविनाश शुक्ला के यहां से चांदी और पीली के जेवर भी मिलने की जानकारी है। अब जांच का फोकस सिर्फ बरामद सामान पर नहीं, बल्कि पैसों की पूरी कड़ी जोड़ने पर है।

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कई आरोपियों के ठिकानों से लाखों का कैश बरामद

रिपोर्ट के मुताबिक, करुणेश पांडेय के यहां से 18 लाख 07 हजार 63 रुपये कैश मिला है। अनुकल्प मिश्र के पास से 16 लाख 82 हजार 040 रुपये मिले हैं। वहीं लवकुश मिश्रा के यहां से 14 लाख 25 हजार रुपये कैश मिला है। बताया गया है कि यह पैसा 500 रुपये के 2850 नोटों में था।

रामाशंकर मिश्रा के यहां से 7 लाख 32 हजार 170 रुपये कैश मिला है। इसके साथ चांदी जैसे दो सिक्के और पैर में पहनने वाला चांदी जैसा एक जेवर भी मिला है। मनीष कुमार यादव के यहां से 2 लाख रुपये कैश मिला, जबकि रामशंकर यादव उर्फ टिंकू के हॉस्टल कमरे से 1 लाख रुपये नकद मिला है।

 

क्यूआर कोड और पुराने हिसाब की जांच तेज

मिली जानकारी के अनुसार, एसआईटी अब मंदिर ट्रस्ट के पिछले पांच साल के हिसाब-किताब की भी जांच कर सकती है। जांच टीम यह देखेगी कि चढावे के पैसे का रिकॉर्ड कैसे रखा गया और इसमें कहीं कोई कमी तो नहीं रही।

इसी बीच अविनाश शुक्ला के कमरे से “रामराज्य कोष” लिखा एक संदूक भी मिला है। इस पर क्यूआर कोड लगा था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस क्यूआर कोड से पैसे आए थे या नहीं। डॉलर मिलने के बाद यह मामला अब सिर्फ कैश मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि पैसे कहां से आए और कहां गए, इसकी भी जांच हो रही है।

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