X का एल्गोरिदम कैसे करता है काम? जानिए कौन से इंटरैक्शन बढ़ाते हैं पोस्ट की रीच
X ने बताया है कि पोस्ट की रैंकिंग सिर्फ लाइक्स के आधार पर तय नहीं होती। प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम में शेयर, रिप्लाई, कोट पोस्ट और दूसरे यूजर इंटरैक्शन जैसे संकेतों की भी अहम भूमिका होती है। जानिए कैसे काम करता है X का रिकमेंडेशन सिस्टम और किन चीजों से बढ़ती है पहुंच।

In Short
- X के मुताबिक पोस्ट की सफलता सिर्फ लाइक्स से तय नहीं होती, शेयर और रिप्लाई जैसे इंटरैक्शन ज्यादा अहम हो सकते हैं।
- X का फीनिक्स मॉडल यूजर के संभावित इंटरैक्शन के आधार पर पोस्ट की रैंकिंग तय करता है।
- रिपोर्ट, म्यूट, ब्लॉक और “नॉट इंटरेस्टेड” जैसे नेगेटिव संकेत पोस्ट की पहुंच को प्रभावित कर सकते हैं।
X algorithm: अगर आप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लगातार पोस्ट करते हैं तो आपको लग सकता है कि ज्यादा लाइक्स मिलना ही पोस्ट की सफलता का सबसे बड़ा संकेत है। लेकिन X के मुताबिक ऐसा जरूरी नहीं है। प्लेटफॉर्म ने बताया है कि पोस्ट की पहुंच और रैंकिंग तय करने में कई दूसरे संकेत भी अहम भूमिका निभाते हैं।
X के एल्गोरिदम में छिपे हैं पोस्ट की रैंकिंग के राज
X ने अपने रिकमेंडेशन एल्गोरिदम के सोर्स कोड के कुछ हिस्से सार्वजनिक किए हैं। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि “फॉर यू” फीड में पोस्ट किस तरह चुनी और रैंक की जाती हैं।
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इस सिस्टम के केंद्र में फीनिक्स नाम का मॉडल काम करता है। यह अनुमान लगाता है कि कोई यूजर किसी पोस्ट के साथ किस तरह इंटरैक्ट कर सकता है। इसके आधार पर पोस्ट की रैंकिंग तय की जाती है।
लाइक से ज्यादा असर डालते हैं शेयर और रिप्लाई
X के सिस्टम में हर तरह के इंटरैक्शन को अलग महत्व दिया जाता है। अगर फीनिक्स अनुमान लगाता है कि कोई यूजर पोस्ट का लिंक कॉपी करके शेयर करेगा तो इसका प्रभाव लाइक से काफी ज्यादा माना जाता है।
पोस्ट को शेयर करना, रिप्लाई करना, कोट पोस्ट करना और डायरेक्ट मैसेज के जरिए शेयर करना भी रैंकिंग को बढ़ाने वाले संकेत माने जाते हैं। वहीं किसी यूजर का आपको फॉलो करना भी पोस्ट की पहुंच बढ़ाने में मदद कर सकता है।
इसका मतलब है कि सिर्फ लाइक्स जुटाने से पोस्ट ज्यादा लोगों तक पहुंचे, यह जरूरी नहीं है। शेयर, रिप्लाई और फॉलो जैसे एक्टिव इंटरैक्शन ज्यादा प्रभावी हो सकते हैं।
नेगेटिव रिएक्शन से घट सकती है पोस्ट की पहुंच
X का एल्गोरिदम सिर्फ अच्छे संकेतों को नहीं देखता, बल्कि यह भी ध्यान रखता है कि लोग किसी पोस्ट को किस तरह नापसंद कर रहे हैं।
अगर कोई यूजर किसी पोस्ट को रिपोर्ट करता है, म्यूट करता है या “नॉट इंटरेस्टेड” का विकल्प चुनता है तो इसका असर पोस्ट की रैंकिंग पर नकारात्मक पड़ सकता है। ब्लॉक करने जैसी गतिविधियां भी पोस्ट की पहुंच कम करने वाले संकेतों में शामिल हैं।
X ने शुरू किया ‘Under the Hood’ फीचर
X ने “Under the Hood” नाम से एक पायलट फीचर भी शुरू किया है। इसके जरिए कुछ चुनिंदा यूजर्स अपने पोस्ट या अकाउंट की विजिबिलिटी को प्रभावित करने वाले लेबल से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं।
फिलहाल यह फीचर सीमित यूजर्स के लिए उपलब्ध है। आगे इसे बढ़ाने का फैसला यूजर्स के फीडबैक के आधार पर लिया जाएगा।
X के मुताबिक, क्रिएटर्स के लिए समझने वाली बात यह है कि सिर्फ लाइक ही पोस्ट की सफलता तय नहीं करता। पोस्ट की पहुंच बढ़ाने में कई तरह के यूजर इंटरैक्शन की भूमिका होती है।