Explained: 1 मई से लागू होगा नया ऑनलाइन गेमिंग रूल्स! जानिए ये क्या है, किस पर असर पड़ेगा और यूजर्स को क्या मिलेगा

ये नियम 1 मई से लागू होंगे और Promotion and Regulation of Online Gaming (PROG) Act, 2025 के तहत पूरे सेक्टर को एक तय ढांचे में लाएंगे। सरकार का मकसद ऑनलाइन मनी गेमिंग के जोखिम कम करना और ई-स्पोर्ट्स व सोशल गेमिंग को बढ़ावा देना है।

Advertisement
AI Generated Image

By Gaurav Kumar:

New Online Gaming Rules: केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के लिए बड़ा कदम उठाते हुए Promotion and Regulation of Online Gaming Rules, 2026 को अधिसूचित कर दिया है।

ये नियम 1 मई से लागू होंगे और Promotion and Regulation of Online Gaming (PROG) Act, 2025 के तहत पूरे सेक्टर को एक तय ढांचे में लाएंगे। सरकार का मकसद ऑनलाइन मनी गेमिंग के जोखिम कम करना और ई-स्पोर्ट्स व सोशल गेमिंग को बढ़ावा देना है।

गेम्स की होगी साफ-साफ कैटेगरी

नए नियमों के तहत गेम्स को तीन हिस्सों में बांटा जाएगा- ऑनलाइन मनी गेम, सोशल गेम और ई-स्पोर्ट्स। इसके लिए 'डिटरमिनेशन टेस्ट' लागू होगा, जिसमें देखा जाएगा कि खिलाड़ी पैसे लगाते हैं या नहीं, जीत की उम्मीद क्या है और इन-गेम रिवॉर्ड्स को असली पैसे में बदला जा सकता है या नहीं।

यह प्रक्रिया रेगुलेटर खुद शुरू कर सकता है या फिर गेमिंग कंपनी आवेदन दे सकती है। किसी भी गेम की कैटेगरी तय करने में अधिकतम 90 दिन लगेंगे।

नया डिजिटल रेगुलेटर करेगा निगरानी

सरकार ने Online Gaming Authority of India नाम से एक केंद्रीय डिजिटल रेगुलेटर बनाया है, जो Ministry of Electronics and Information Technology के तहत काम करेगा। इसमें गृह, वित्त, खेल और कानून मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। यह अथॉरिटी ऑनलाइन मनी गेम्स की लिस्ट तैयार करेगी, शिकायतों की सुनवाई करेगी और जरूरत पड़ने पर बैंकों व एजेंसियों के साथ समन्वय भी करेगी।

हर गेम को रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं

सरकार ने साफ किया है कि सभी गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं होगा। केवल उन्हीं कैटेगरी के गेम्स को रजिस्ट्रेशन कराना होगा जिन्हें सरकार अधिसूचित करेगी या जो ई-स्पोर्ट्स के तौर पर मान्यता चाहते हैं। एक बार मंजूरी मिलने पर प्लेटफॉर्म को 10 साल तक के लिए डिजिटल सर्टिफिकेट मिलेगा। हालांकि, ऑनलाइन मनी गेम्स को ई-स्पोर्ट्स का दर्जा नहीं मिलेगा।

प्लेटफॉर्म पर बढ़ेंगी जिम्मेदारियां

गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को अब अपनी कैटेगरी और रजिस्ट्रेशन स्टेटस साफ दिखाना होगा। साथ ही डेटा स्टोरेज नियमों का पालन, पेमेंट से जुड़े निर्देश और शिकायत निवारण सिस्टम भी अनिवार्य होगा।

यूजर सेफ्टी पर खास जोर

नियमों में यूजर सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत एज वेरिफिकेशन, टाइम लिमिट, पैरेंटल कंट्रोल, रिपोर्टिंग टूल और काउंसलिंग जैसी सुविधाएं जरूरी होंगी, ताकि बच्चों और अन्य यूजर्स को लत और नुकसान से बचाया जा सके।

शिकायत का मिलेगा दो-स्तरीय सॉल्यूशन

यूजर्स पहले प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज करेंगे। समाधान न मिलने पर वे रेगुलेटर के पास जा सकेंगे और अंतिम अपील MeitY सचिव के पास होगी। हर स्तर पर 30 दिन में निपटारा तय किया गया है।

Read more!
Advertisement