AI इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को सत्य नडेला की चेतावनी, कहीं लीक न हो जाए जरूरी डेटा
कंपनियां AI टूल्स पर पैसा तो खर्च कर ही रही हैं, साथ ही बेहतर जवाब पाने के लिए अपना जरूरी डेटा भी शेयर कर रही हैं। Microsoft के CEO सत्य नडेला ने चेतावनी दी है कि कंपनी की अंदरूनी जानकारी और सालों की सीख किसी बाहरी AI सिस्टम का हिस्सा बन सकती है।

In Short
- सत्य नडेला ने AI से जुड़े खतरे को ‘रिवर्स इनफॉर्मेशन पैराडॉक्स’ नाम दिया है।
- कंपनियां AI सर्विस के लिए पैसे के साथ अपनी जरूरी जानकारी भी दे रही हैं।
- एक्सपर्ट्स ने ऐसे AI टूल इस्तेमाल करने की सलाह दी है, जिनमें डेटा कंपनी के कंट्रोल में रहे।
Satya Nadella AI Warning: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। कंपनियां ChatGPT, Copilot, Gemini और दूसरे AI टूल्स की मदद से कोड लिख रही हैं, रिपोर्ट बना रही हैं और बिजनेस के कई काम आसान कर रही हैं। कई कंपनियां AI पर काफी पैसा भी खर्च कर रही हैं। इसी बीच Microsoft के CEO सत्य नडेला ने AI से जुड़े एक ऐसे खतरे के बारे में बताया है, जिस पर कंपनियां ज्यादा ध्यान नहीं दे रही हैं।
क्या है रिवर्स इनफॉर्मेशन पैराडॉक्स?
सत्य नडेला ने इस खतरे को ‘रिवर्स इनफॉर्मेशन पैराडॉक्स’ नाम दिया है। जब कोई कंपनी AI टूल का इस्तेमाल करती है, तो वह सिर्फ सवाल पूछकर जवाब नहीं लेती। बेहतर और सही जवाब पाने के लिए उसे अपने दस्तावेज, काम करने का तरीका, कर्मचारियों की राय, सुझाव और बिजनेस से जुड़ी दूसरी जरूरी जानकारी भी AI के साथ शेयर करनी पड़ती है।
यह जानकारी किसी भी कंपनी के लिए बेहद अहम होती है। इसमें कंपनी का अनुभव, रिसर्च, कोड, ग्राहकों से जुड़ी जानकारी और आगे की बिजनेस योजना तक शामिल हो सकती है।
पैसे के साथ जरूरी जानकारी भी दे रही हैं कंपनियां
नडेला का कहना है कि कंपनियां AI के लिए दो तरह से कीमत चुका रही हैं। पहली बार वे पैसे देकर AI की सर्विस खरीदती हैं और दूसरी बार अपनी अंदर की जरूरी जानकारी देकर।
ये खबर पढ़ना न भूलें: भारत में फिलहाल लॉन्च नहीं होगा WhatsApp Username फीचर, सरकार की आपत्ति के बाद Meta ने रोका रोलआउट
अगर कोई कंपनी बार-बार AI के जवाबों में सुधार करती है और उसके साथ अपना अनुभव शेयर करती है, तो यह जानकारी आगे चलकर AI सिस्टम को और बेहतर बनाने में काम आ सकती है। इस तरह कंपनी की कई साल की मेहनत और सीख धीरे-धीरे AI सिस्टम का हिस्सा बन सकती है।
लर्निंग लूप पर रखें अपना कंट्रोल
नडेला के मुताबिक, कंपनियों को ऐसा सिस्टम बनाना चाहिए, जिसमें AI से मिलने वाली सीख और कर्मचारियों का अनुभव उसी कंपनी के पास सुरक्षित रहे। इसे उन्होंने ‘लर्निंग लूप’ कहा है। AI से जो भी नई जानकारी और सीख मिले, उसका कंट्रोल कंपनी के पास ही होना चाहिए।
नडेला AI को बिजनेस का भविष्य मानते हैं, लेकिन उनका कहना है कि कंपनियों को अपने डेटा, निजी जानकारी और कंपनी के अधिकार वाली चीजों की सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
ट्रेड सीक्रेट लीक होने का खतरा
एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनियां AI को जितनी ज्यादा जानकारी दे रही हैं, उसके बाहर आने का खतरा भी उतना ही बढ़ सकता है। अगर किसी कंपनी के बिजनेस से जुड़े गुप्त राज बाहर आ जाएं, तो उसे बड़ा नुकसान हो सकता है।
इसलिए कंपनियों को ऐसे AI टूल्स का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है, जिनमें उनका डेटा उनके अपने कंट्रोल में रहे।