लॉन्च होते ही विवादों में आया मेटा का Muse Image! पब्लिक Instagram अकाउंट के बिना अनुमति बना सकता है AI इमेज

क्या आपकी पब्लिक Instagram इमेज किसी और के AI प्रॉम्प्ट का हिस्सा बन सकती हैं? मेटा के नए Muse Image फीचर ने यही सवाल खड़ा कर दिया है। टूल मजेदार है, लेकिन प्राइवेसी को लेकर डर भी बढ़ रहा है। जानिए क्यों शुरू हुआ विवाद और यूजर्स इसे लेकर क्यों परेशान हैं।

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AI Generated Image

In Short

  • Muse Image में पब्लिक Instagram अकाउंट को टैग कर AI इमेज बनाई जा सकती है, इसी वजह से प्राइवेसी को लेकर विवाद शुरू हुआ है।
  • मेटा के मुताबिक, अगर Instagram अकाउंट पब्लिक है, तो उसके फोटो और पोस्ट का इस्तेमाल AI फीचर्स में हो सकता है। यूजर सेटिंग्स से इसे बंद कर सकते हैं या अकाउंट प्राइवेट कर सकते हैं।
  • Muse Image अभी फ्री है, लेकिन इस्तेमाल की लिमिट होगी। लिमिट पूरी होने पर यूजर्स को इंतजार करना होगा या Meta One जैसे पेड प्लान लेने पड़ सकते हैं।

By Gaurav Kumar:

Meta Muse Image: मेटा का नया AI इमेज जनरेटर Muse Image लॉन्च होते ही विवादों में आ गया है। यह टूल Meta AI ऐप, WhatsApp और Instagram पर मुफ्त में मिल रहा है। विवाद इसकी उस सुविधा को लेकर है, जिसमें पब्लिक Instagram अकाउंट को टैग कर उससे जुड़ी AI तस्वीर बनाई जा सकती है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या बिना साफ सहमति के किसी यूजर की पब्लिक प्रोफाइल से AI इमेज बनाना प्राइवेसी के लिए खतरा है?

पब्लिक अकाउंट टैग कर बन सकती है तस्वीर

Muse Image को लेकर सबसे बड़ी चिंता यह है कि कोई भी यूजर किसी पब्लिक Instagram अकाउंट को प्रॉम्प्ट में टैग कर सकता है और उससे जुड़ी AI इमेज बना सकता है। मेटा के मुताबिक, अगर किसी का Instagram अकाउंट पब्लिक है, तो उसके फोटो और पोस्ट का इस्तेमाल AI फीचर्स में किया जा सकता है।

यही बात लोगों को परेशान कर रही है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स का कहना है कि बिना साफ सहमति के किसी असली व्यक्ति को AI इमेज में शामिल करना प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

लोगों को डर है कि इसका गलत इस्तेमाल फेक इमेज, मजाक या किसी को बदनाम करने वाले कंटेंट में हो सकता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या यूजर्स के पास इस फीचर को रोकने या कंट्रोल करने का कोई आसान तरीका है?

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यूजर्स के पास क्या कंट्रोल है?

मेटा का कहना है कि यूजर को ऐसे AI कंटेंट की जानकारी नोटिफिकेशन के जरिए मिलेगी। कंपनी के अनुसार, यह फीचर अपने आप चालू रहता है, लेकिन यूजर्स सेटिंग्स में जाकर इसे बंद कर सकते हैं। अगर कोई अपना Instagram अकाउंट प्राइवेट कर देता है, तो आगे उसकी तस्वीरों से इस तरह का AI कंटेंट बनने से रोका जा सकता है।

हालांकि, पहले से बनी इमेज अपने आप डिलीट नहीं होंगी। अब सवाल यह है कि प्राइवेसी विवाद के अलावा Muse Image में यूजर्स को और कौन-कौन से फीचर मिलते हैं?

Muse Image में और क्या-क्या फीचर हैं?

विवाद के अलावा Muse Image में कई क्रिएटिव फीचर भी दिए गए हैं। यूजर टेक्स्ट प्रॉम्प्ट लिखकर नई इमेज बना सकते हैं, पहले से मौजूद फोटो को एडिट कर सकते हैं और कार्टून स्टाइल जैसी तस्वीरें तैयार कर सकते हैं। Instagram Stories के लिए कंपनी अमेरिका में 30 नए AI इफेक्ट्स भी ला रही है। बाद में इन्हें दूसरे देशों और मेटा ऐप्स के बाकी हिस्सों में भी लाया जाएगा। अब सवाल यह है कि इतने फीचर्स वाला Muse Image पूरी तरह मुफ्त है या इसके इस्तेमाल की कोई सीमा भी है?

फ्री है, लेकिन लिमिट के साथ

मेटा के अनुसार, म्यूज इमेज अभी फ्री है, लेकिन इसे इस्तेमाल करने की एक तय लिमिट होगी। लिमिट पूरी होने के बाद यूजर्स को इंतजार करना होगा या मेटा वन जैसे पैसे वाले प्लान लेने पड़ सकते हैं। कंपनी इस टूल को आगे फेसबुक और मैसेंजर पर भी लाने की तैयारी में है। लेकिन सवाल यह है कि मेटा के पुराने डेटा और प्राइवेसी विवादों की वजह से लोग इस नए टूल को लेकर ज्यादा सतर्क क्यों हैं?

पुराने विवादों से बढ़ी चिंता

मेटा पहले भी डेटा और प्राइवेसी को लेकर सवालों में घिर चुका है। कैम्ब्रिज एनालिटिका मामले में कंपनी पर बड़ा जुर्माना लगा था। इसके बाद फेसबुक का फेशियल रिकग्निशन सिस्टम भी बंद कर दिया गया था। यही वजह है कि म्यूज इमेज को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है। कई यूजर्स के लिए यह सिर्फ एआई से तस्वीर बनाने वाला टूल नहीं, बल्कि उनकी प्राइवेसी से जुड़ा बड़ा सवाल बन गया है।

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