NHAI का बड़ा फैसला, अब AI और स्मार्ट मशीनों से तैयार होंगे देश के बड़े हाईवे

भारत में हाईवे निर्माण अब नई तकनीक के साथ आगे बढ़ेगा। NHAI ने बड़े हाईवे प्रोजेक्ट्स में AI और स्मार्ट मशीनों के इस्तेमाल को जरूरी कर दिया है। इससे सड़क निर्माण की क्वालिटी बेहतर होगी, काम की निगरानी आसान बनेगी और बड़े प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।

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In Short

  • NHAI ने बड़े हाईवे प्रोजेक्ट्स में स्मार्ट मशीनों और AI आधारित निर्माण को जरूरी कर दिया है।
  • AI सिस्टम से सड़क निर्माण के हर चरण की निगरानी होगी और गलतियों को समय रहते सुधारा जा सकेगा।
  • स्मार्ट मशीनों की मदद से हाईवे निर्माण की रफ्तार बढ़ेगी, हालांकि इंजीनियर और टेक्निकल एक्सपर्ट की भूमिका बनी रहेगी।

By Gaurav Kumar:

भारत में हाईवे बनाने का तरीका अब और आधुनिक होने जा रहा है। सरकार हाईवे निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने बड़े हाईवे प्रोजेक्ट्स में मशीनों की मदद से स्मार्ट निर्माण को जरूरी कर दिया है।

NHAI के नए नियम के मुताबिक, 20 किलोमीटर से ज्यादा लंबे और 500 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले हाईवे प्रोजेक्ट्स में ऑटोमेटेड एंड इंटेलिजेंट मशीन-एडेड कंस्ट्रक्शन का इस्तेमाल करना होगा। यानी अब ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स में सिर्फ मजदूरों और सामान्य मशीनों पर निर्भर रहने के बजाय एडवांस टेक्नोलॉजी की मदद ली जाएगी।

AI वाली मशीनें कैसे करेंगी काम?

हाईवे निर्माण के दौरान सड़क की क्वालिटी, जमीन की स्थिति, सड़क की मोटाई और निर्माण के अलग-अलग चरणों पर लगातार नजर रखना जरूरी होता है। छोटी सी गलती भी सड़क की मजबूती और उसकी उम्र पर असर डाल सकती है।

AI और स्मार्ट मशीनों की मदद से निर्माण के दौरान जरूरी डेटा रिकॉर्ड किया जा सकेगा। इससे पता लगाया जा सकेगा कि काम तय मानकों के अनुसार हो रहा है या नहीं।

प्रतीकात्मक तस्वीर

इन तकनीकों से इंजीनियरों को भी निर्माण कार्य की निगरानी करने में आसानी होगी। अगर किसी जगह पर कोई कमी सामने आती है, तो उसे समय रहते सुधारा जा सकेगा।

हाईवे की क्वालिटी सुधारने पर जोर

NHAI का यह कदम हाईवे निर्माण की गुणवत्ता बेहतर करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। कई बार सड़क बनने के कुछ समय बाद ही गड्ढे या दूसरी समस्याएं सामने आती हैं।

स्मार्ट मशीनों और AI आधारित सिस्टम के इस्तेमाल से निर्माण के हर चरण की बेहतर निगरानी हो सकेगी। इससे काम में होने वाली गलतियों को कम करने में मदद मिल सकती है और सड़क की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।

निर्माण की रफ्तार भी बढ़ेगी

AI और ऑटोमेशन का फायदा सिर्फ क्वालिटी तक सीमित नहीं रहेगा। इससे हाईवे निर्माण की गति भी बढ़ सकती है।

बड़ी स्मार्ट मशीनें ऐसे कई काम कम समय में कर सकती हैं, जिनमें पहले ज्यादा समय और ज्यादा मैनपावर की जरूरत होती थी। इससे बड़े प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने में मदद मिल सकती है।

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हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हाईवे निर्माण में इंसानों की जरूरत खत्म हो जाएगी। इंजीनियर, टेक्निकल एक्सपर्ट और दूसरे कर्मचारी पहले की तरह जरूरी रहेंगे। फर्क सिर्फ इतना होगा कि अब उनके साथ AI और स्मार्ट मशीनें भी काम करेंगी।

टेक्नोलॉजी के साथ बदलेगा हाईवे निर्माण

NHAI का यह फैसला भारत में हाईवे निर्माण को नई तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में देश के बड़े हाईवे प्रोजेक्ट्स में AI और ऑटोमेशन का इस्तेमाल और ज्यादा देखने को मिल सकता है।

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