HP और Sarvam AI की नई डील, अब हिंदी, तमिल, बंगाली में बोलकर चला सकेंगे PC
HP और Sarvam AI की नई साझेदारी PC इस्तेमाल करने का तरीका बदल सकती है। Kivi ऐप के जरिए यूजर्स हिंदी समेत 22 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में बोलकर टाइपिंग, सर्च और ड्राफ्ट जैसे काम कर सकेंगे। इसे HP लैपटॉप में प्री-इंस्टॉल किया जाएगा और आगे AI फीचर्स भी बढ़ सकते हैं।

In Short
- HP और Sarvam AI की साझेदारी से यूजर्स हिंदी समेत 22 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में PC से बात कर सकेंगे।
- Sarvam AI का Kivi ऐप HP लैपटॉप में प्री-इंस्टॉल होगा और बोलकर टाइपिंग, ड्राफ्टिंग व सर्च जैसे काम किए जा सकेंगे।
- इस साझेदारी का मकसद कंप्यूटिंग को ज्यादा मल्टीलिंगुअल, आसान और भारतीय यूजर्स के लिए ज्यादा सुलभ बनाना है।
कंप्यूटर चलाते समय बार-बार कीबोर्ड और माउस इस्तेमाल करने की जरूरत कम हो सकती है। HP ने भारतीय AI कंपनी Sarvam AI के साथ नई टेक्नोलॉजी साझेदारी की है। इसका मकसद यूजर्स को हिंदी, तमिल, बंगाली समेत कई भारतीय भाषाओं में बोलकर PC पर काम करने की सुविधा देना है।
HP और Sarvam AI ने इसके लिए एक समझौता किया है। शुरुआत में दोनों कंपनियों का फोकस वॉयस टेक्नोलॉजी पर रहेगा। आगे चलकर इसे PC पर दूसरे AI फीचर्स तक भी बढ़ाया जा सकता है।
22 से ज्यादा भारतीय भाषाओं का मिलेगा सपोर्ट
इस साझेदारी में HP का PC हार्डवेयर और Sarvam AI की भारतीय भाषाओं वाली AI टेक्नोलॉजी एक साथ काम करेगी। इसका मकसद उन लोगों के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल आसान बनाना है, जो अंग्रेजी या कीबोर्ड-माउस के बजाय अपनी भाषा में बोलकर काम करना ज्यादा पसंद करते हैं।
Sarvam AI के मुताबिक उसकी टेक्नोलॉजी 22 से ज्यादा भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करती है। इसमें बोलते समय एक भाषा से दूसरी भाषा में जाने यानी नेचुरल कोड-स्विचिंग की सुविधा भी शामिल है।
क्या है Kivi और कैसे करेगा काम?
इस साझेदारी के तहत सबसे अहम ऐप Kivi है, जो Sarvam AI की टेक्नोलॉजी पर काम करता है। इसके जरिए यूजर्स टाइप करने के बजाय बोलकर कई काम कर सकेंगे।
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Kivi की मदद से टेक्स्ट डिक्टेट किया जा सकेगा, कंटेंट ड्राफ्ट या दोबारा लिखा जा सकेगा और जानकारी सर्च की जा सकेगी। इसके अलावा यह चल रहे काम में मदद करने और पहले से इस्तेमाल किए जा रहे ऐप्स के साथ इंटरैक्ट करने में भी मदद करेगा।
Sarvam AI ने बताया है कि Kivi को HP लैपटॉप में प्री-इंस्टॉल किया जाएगा।
भारतीय भाषाओं पर क्यों है खास फोकस?
भारत में बड़ी संख्या में लोग अंग्रेजी के अलावा दूसरी भाषाओं में बात करते हैं। रोजमर्रा की बातचीत में कई लोग एक साथ दो या ज्यादा भाषाओं का इस्तेमाल भी करते हैं। इसके बावजूद कई डिजिटल इंटरफेस अभी भी अंग्रेजी कीबोर्ड और कमांड पर ज्यादा निर्भर हैं।
Sarvam की टेक्नोलॉजी भारतीय भाषाओं और भारतीय संदर्भ को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसके AI प्लेटफॉर्म में 12 भारतीय भाषाओं के लिए स्पीच रिकग्निशन और 23 भाषाओं के बीच ट्रांसलेशन की सुविधा शामिल है।
किन लोगों को हो सकता है फायदा?
वॉयस के जरिए PC इस्तेमाल करने की सुविधा उन लोगों के लिए मददगार हो सकती है जिन्हें टाइपिंग मुश्किल लगती है। इसका इस्तेमाल पढ़ाई, कंटेंट बनाने और ऑफिस के काम में भी किया जा सकता है।
स्टूडेंट बोलकर नोट्स लिख सकते हैं, प्रोफेशनल वॉयस के जरिए ड्राफ्ट तैयार कर सकते हैं और अलग-अलग भाषाओं में सहज यूजर्स बार-बार टाइपिंग का तरीका बदले बिना PC से बात कर सकते हैं।
आगे और बढ़ सकती है साझेदारी
HP और Sarvam AI के लिए वॉयस केवल शुरुआत है। दोनों कंपनियां आगे AI आधारित दूसरे अनुभवों को भी डिवाइस और रोजमर्रा के वर्कफ्लो में शामिल करने की संभावनाएं तलाशेंगी। इसका उद्देश्य कंप्यूटिंग को ज्यादा मल्टीलिंगुअल, आसान और लोगों के लिए सुलभ बनाना है।