व्हाट्सएप पर अब फ्री मिलेगी कानूनी सलाह, भारत सरकार ने लॉन्च किया न्याय सेतु का नया चैटबॉट
इस डिजिटल पहल का मकसद नागरिकों को बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे, सीधे उनके मोबाइल पर मुफ्त कानूनी सलाह और जानकारी उपलब्ध कराना है।

Nyaya Setu WhatsApp: भारत सरकार ने आम लोगों तक कानूनी मदद पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कानून और न्याय मंत्रालय ने गुरुवार को घोषणा की कि अब 'न्याय सेतु' (Nyaya Setu) प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर भी उपलब्ध होगा।
इस डिजिटल पहल का मकसद नागरिकों को बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे, सीधे उनके मोबाइल पर मुफ्त कानूनी सलाह और जानकारी उपलब्ध कराना है।
व्हाट्सएप पर अब कानूनी समाधान
भारत में व्हाट्सएप की लोकप्रियता को देखते हुए सरकार ने इसे कानूनी संसाधनों और आम जनता के बीच की दूरी कम करने का जरिया बनाया है। कानून और न्याय मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस अपडेट की जानकारी साझा की।
मंत्रालय के अनुसार, इस इंटीग्रेशन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक के लिए पेशेवर कानूनी सहायता तेज और आसानी से उपलब्ध हो सके। अब लोगों को बुनियादी कानूनी जानकारी या सहायता के लिए व्यक्तिगत रूप से कानूनी कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे यह प्रक्रिया और भी समावेशी हो गई है।
कैसे काम करती है यह सुविधा?
अगर आप न्याय सेतु के जरिए कानूनी सलाह लेना चाहते हैं, तो आपको अपने व्हाट्सएप से मोबाइल नंबर '7217711814' पर मैसेज करना होगा। यह नंबर व्हाट्सएप पर 'Tech-Law' के नाम से दिखाई देगा। चैट शुरू करते ही आपको कानूनी सलाह, कानूनी जानकारी और कानूनी सहायता जैसे विकल्प मिलेंगे।
नियम के मुताबिक, कानूनी सलाह पाने के लिए चैटबॉट सबसे पहले आपका मोबाइल नंबर वेरिफाइ करने को कहेगा। हालांकि, वर्तमान में तकनीकी स्तर पर कुछ चुनौतियां भी देखी जा रही हैं।
टेस्टिंग के दौरान पाया गया कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया में कभी-कभी एरर (Error) आ रहा है। राहत की बात यह है कि मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन किए बिना भी अभी कानूनी जानकारी और सामान्य सहायता प्राप्त की जा सकती है।
डिजिटल इंडिया की नई पहल
अगस्त 2024 में शुरू किया गया न्याय सेतु सरकारी तंत्र की जटिलताओं को कम करने के लिए बनाया गया था। अब एंड्रॉइड, आईओएस और वेब, सभी प्लेटफॉर्म पर व्हाट्सएप यूजर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यह चैटबॉट न केवल समय बचाएगा, बल्कि उन लोगों के लिए भी मददगार साबित होगा जो कानूनी प्रक्रियाओं की जटिलता से डरते हैं।