Username फीचर पर सरकार का जारी है सख्त रूख! WhatsApp के बाद अब लपेटे में Telegram और Signal - मिला नोटिस
WhatsApp के Username फीचर पर विवाद बढ़ता जा रहा है। अब सरकार ने WhatsApp के बाद Telegram और Signal से भी सुरक्षा व्यवस्था पर जवाब मांगा है। जानें क्यों है विवाद पढ़ें पूरी खबर।

In Short
- Telegram और Signal से सरकार ने username फीचर पर जवाब मांगा।
- सरकार को धोखाधड़ी और फर्जी पहचान के मामले बढ़ने की चिंता है।
- WhatsApp ने कहा, username फीचर ऑप्शनल और सुरक्षित है।
WhatsApp के Username फीचर को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। केंद्र सरकार ने WhatsApp के बाद अब हाल ही में Telegram और Signal को भी यूजरनेम फीचर को लेकर नोटिस भेजा है।
सरकार ने दोनों प्लेटफॉर्म से उनके Username फीचर और उससे जुड़ी सेफ्टी व्यवस्था के बारे में जानकारी मांगी है। सरकार जानना चाहती है कि इस फीचर के जरिए यूजर्स को गलत पहचान, फर्जी अकाउंट और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
MeitY ने भेजा नोटिस
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जुलाई को सरकार ने Meta से WhatsApp केUsername reservation फीचर को रोकने के लिए कहा था। इसके अगले ही दिन इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय यानी MeitY ने Telegram और Signal को भी नोटिस भेजा।
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इन नोटिस में Telegram और Signal से पूछा गया है कि उनका username फीचर कैसे काम करता है और यूजर्स की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं। सरकार खास तौर पर यह समझना चाहती है कि अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे के नाम जैसा Username रखता है, तो उसे रोकने की व्यवस्था क्या है।
सरकार को किस बात की चिंता?
सरकार का कहना है कि username फीचर से ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और फर्जी पहचान के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। सरकार के मुताबिक गलत लोग इस फीचर का इस्तेमाल करके आम यूजर्स को मैसेज कर सकते हैं और उन्हें धोखा दे सकते हैं।
सरकार ने यह भी कहा कि इस फीचर का गलत इस्तेमाल कर कोई व्यक्ति खुद को किसी असली व्यक्ति, सरकारी संस्था, बैंक या वित्तीय संस्थान जैसा दिखा सकता है। अगर कोई Username किसी असली नाम या संस्था से मिलता-जुलता हो, तो लोग उसे सच मानकर धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं।
Telegram फिर सवालों में
हाल ही में Telegram को re-NEET परीक्षा से पहले भारत में अस्थायी बैन का सामना करना पड़ा था। अब Username फीचर को लेकर Telegram फिर सरकार के सवालों के घेरे में है। वहीं Signal से भी इसी तरह की जानकारी मांगी गई है।
WhatsApp ने क्या सफाई दी?
WhatsApp का कहना है कि Username फीचर ऑप्शनल है। यानी यूजर्स चाहें तो ही इसका इस्तेमाल करेंगे। कंपनी के मुताबिक यह फीचर अभी यूजर्स के लिए रोलआउट नहीं हुआ है, बल्कि फिलहाल उन्हें अपना पसंदीदा username reserve करने का मौका दिया जा रहा है।
Meta ने कहा है कि public figures, government agencies और verified accounts के usernames पहले से सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि कोई दूसरा व्यक्ति उन्हें रजिस्टर न कर सके। कंपनी ने यह भी बताया कि lookalike usernames को ब्लॉक किया गया है।
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WhatsApp ने Username फीचर से जुड़े सवालों पर एक FAQ भी जारी किया है।इसमें फर्जी पहचान, धोखाधड़ी और अनचाहे संपर्क जैसी चिंताओं पर जवाब दिए गए हैं।