ट्रांसफर का बहाना, सस्ते सामान का लालच और फिर फोन बंद, जानें कैसे हो रही Facebook पर ठगी

फेसबुक पर सस्ते घरेलू सामान का ऑफर देखकर पैसे भेजने से पहले सावधान हो जाएं। साइबर ठग DCP एम. नारायण के नाम से नकली अकाउंट बनाकर लोगों को फंसा रहे हैं। वे सेना और पुलिस कर्मचारियों के ट्रांसफर का बहाना बनाते हैं और एडवांस पैसे मिलते ही फोन बंद कर देते हैं।

Advertisement
AI genertaed iamge

In Short

  • ठगों ने DCP एम. नारायण के नाम से नकली फेसबुक प्रोफाइल बनाई।
  • सेना और पुलिस कर्मचारियों के ट्रांसफर का बहाना बनाकर सस्ता सामान बेचने का दावा किया गया।
  • पुलिस ने लोगों से एडवांस या टोकन मनी न भेजने की अपील की।

By Gaurav Kumar:

Cyber Fraud: साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ठग अब पुलिस अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल करके लोगों को सस्ते घरेलू सामान का लालच दे रहे हैं। वे कहते हैं कि यह सामान सेना, सीआरपीएफ (CRPF) या पुलिस के उन लोगों का है, जिनका ट्रांसफर हो गया है और वे अपना सामान कम दाम में बेचना चाहते हैं।

DCP के नाम से बनाया नकली फेसबुक अकाउंट

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी के डीसीपी एम. नारायण ने मंगलवार को लोगों को ऐसे ठगों से सावधान रहने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि उनके नाम से फेसबुक पर एक नकली अकाउंट बनाया गया है। इस अकाउंट का इस्तेमाल लोगों को ठगने के लिए किया जा रहा है।

ठगों ने फेसबुक पर ‘नारायण एम, आईपीएस’ नाम से नकली प्रोफाइल बनाई है। इस अकाउंट से लोगों को बहुत कम कीमत पर घर का सामान बेचने की बात कही जा रही है। सामान सस्ता देखकर कई लोग इस ऑफर में फंस जाते हैं।

ट्रांसफर का बहाना बनाकर जीतते हैं भरोसा

डीसीपी एम. नारायण ने एक वीडियो जारी करके बताया कि ठग लोगों से कहते हैं कि यह सामान सेना, सीआरपीएफ या पुलिस में काम करने वाले लोगों का है। उनका ट्रांसफर हो गया है, इसलिए वे जल्दी में अपना सामान बेचना चाहते हैं।

ये खबर पढ़ना न भूलें: WhatsApp पर आया ये मैसेज कर सकता है आपको कंगाल, सरकारी एजेंसी ने किया अलर्ट

यह बात सुनकर लोग ठगों पर भरोसा कर लेते हैं। जब कोई व्यक्ति सामान खरीदने के लिए तैयार हो जाता है, तो उससे पहले ऑनलाइन पैसे भेजने के लिए कहा जाता है।

पैसे भेजते ही फोन कर देते हैं बंद

जैसे ही कोई व्यक्ति एडवांस या टोकन मनी भेजता है, ठग अपना मोबाइल फोन बंद कर देते हैं। इसके बाद वे उस व्यक्ति से बात करना बंद कर देते हैं। खरीदार को न तो सामान मिलता है और न ही उसके पैसे वापस आते हैं।

इस ठगी को लेकर हेब्बागोडी, विजयपुरा और कोलार समेत कुछ जगहों पर केस दर्ज किए गए हैं। डीसीपी ने साफ कहा है कि उन्होंने किसी से भी अपनी तरफ से कोई सामान खरीदने के लिए नहीं कहा है।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से की सावधान रहने की अपील

अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले सस्ते ऑफर के झांसे में न आएं। अगर कोई व्यक्ति ऐसी ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत पास के पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

ऐसी ठगी से बचने के लिए किसी अनजान व्यक्ति को पहले से पैसे न भेजें। सामान की फोटो और उससे जुड़ी सभी बातें अच्छी तरह जांच लें। पहले सामान अपने हाथ में लें और उसके बाद ही पैसे दें।

Read more!
Advertisement