Explained: Anthropic AI क्या है, इसने क्या बनाया है, इसके टूल्स कैसे आईटी इंडस्ट्री के लिए खतरा हैं?

आज हम आपको इस आर्टिकल में यही बताएं की Anthropic AI टूल क्या है, इसने क्या बनाया है, यह कैसे आईटी इंडस्ट्री के लिए खतरा है। चलिए आसान शब्दों में सब जानते हैं। 

Advertisement
Anthropic
Anthropic AI

By Gaurav Kumar:

Anthropic AI टूल्स की इन दिनों खूब चर्चा है। कंपनी द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए Claude Cowork  AI plugins को आईटी इंडस्ट्री के लिए खतरा माना जा रहा है।  

यही कारण है कि बुधवार 4 फरवरी को दिग्गज आईटी स्टॉक जैसे- टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक इत्यादि के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है। इतना ही नहीं विदेशी आईटी कंपनियों के भी शेयर गिरे हैं।

ऐसे में अब यह सवाल उठता है कि आखिर Anthropic AI ने ऐसा क्या बना दिया की आईटी इंडस्ट्री के लिए यह खतरा साबित हो सकता है। 

आज हम आपको इस आर्टिकल में यही बताएं की Anthropic AI टूल क्या है, इसने क्या बनाया है, यह कैसे आईटी इंडस्ट्री के लिए खतरा है। चलिए आसान शब्दों में सब जानते हैं। 

 Anthropic AI क्या है?

एंथ्रोपिक (Anthropic) एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी है। इसकी स्थापना साल 2021 में भाई-बहन की जोड़ी Dario Amodei और Daniela Amodei ने की थी।

Anthropic AI ने ऐसा क्या लॉन्च कर दिया जिसकी चर्चा हो रही है?

जनवरी में Anthropic ने कॉरपोरेट ग्राहकों के लिए Claude Cowork नाम का एक नया एजेंटिक प्रोडक्ट लॉन्च किया। इसके कुछ ही दिनों बाद कंपनी ने 11 नए प्लग-इन्स (plugins) भी पेश किए, जिनका मकसद रोजमर्रा के बिजनेस कामों को ऑटोमेट करना और Claude की AI को सीधे एंटरप्राइज टूल्स से जोड़ना है।

ये प्लग-इन्स लीगल, सेल्स, मार्केटिंग और डेटा एनालिसिस जैसे अलग-अलग विभागों में काम करने के लिए बनाए गए हैं। इनके जरिए चैट, ईमेल, कैलेंडर, नॉलेज बेस और प्रोजेक्ट ट्रैकिंग टूल्स को आपस में जोड़ा जा सकता है, जिससे कंपनियों का कामकाज आसान और तेज हो जाता है।

Anthropic का कहना है कि कंपनियां अपनी जरूरत के हिसाब से इन प्लग-इन्स को कस्टमाइज कर सकती हैं। इन्हें बनाने, एडिट करने और टीम के साथ शेयर करने के लिए ज्यादा तकनीकी जानकारी की जरूरत नहीं है, जिससे बड़ी टीमों में इन्हें लागू करना आसान हो जाता है।

आसान शब्दों में कहें तो Claude Cowork अब रोज के काम मैनेज करने, शेड्यूल प्लान करने और काम का रिकॉर्ड संभालने में मदद कर सकता है। 

प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में यह प्रोडक्ट रिक्वायरमेंट डॉक्यूमेंट तैयार करने से लेकर रोडमैप तय करने तक काम कर सकता है। मार्केटिंग प्लग-इन्स कंटेंट बनाने, कैंपेन प्लान करने और उसकी परफॉर्मेंस ट्रैक करने में मदद करते हैं। इसी तरह फाइनेंस, लीगल काम, कस्टमर सपोर्ट, एंटरप्राइज सर्च, डेटा एनालिटिक्स और यहां तक कि बायोलॉजिकल रिसर्च में भी ऑटोमेशन की सुविधा दी गई है।

आईटी इंडस्ट्री के लिए कैसे खतरा?

आईटी इंडस्ट्री में यह डर है कि यह नया टूल लीगल सॉफ्टवेयर और डेटा सर्विस देने वाली कंपनियों के मुख्य कारोबार पर असर डाल सकता है।

कंपनी की प्लग-इन वेबसाइट के मुताबिक यह टूल, कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू और लीगल ब्रीफ तैयार करने जैसे काम अपने आप कर सकता है।

Read more!
Advertisement