Digital India Act को लेकर सरकार की मिटिंग

मार्च महीने में इलेक्ट्रनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने डिजिटल इंडिया एक्ट को लेकर स्टेक होल्डर्स के साथ पहले दौर की मीटिंग की थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पहली बैठक में मंत्रालय को कुछ सुझाव मिले थे। आज पहली बार डिजिटल इंडिया डायलॉग्स के हिस्से के रुप में किसी बिल के डिजाइन,आर्किटेक्चर और गोल्स पर इसके प्री-इंट्रोडक्शन स्टेज में स्टेक होल्डर्स के साथ चर्चा की जा रही है

Advertisement
Digital India Act को लेकर सरकार आज पॉलिसी एक्पर्ट से करेगी बातचीत
Digital India Act को लेकर सरकार आज पॉलिसी एक्पर्ट से करेगी बातचीत

By BT बाज़ार डेस्क:

Digital India Act को लेकर सरकार आज Policy Expert के साथ दूसरे दौर की बातचीत करेगी। डिजिटल इंडिया एक्ट को ज्यादा से ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए अगले दो से तीन महीनों में एक Draft तैयार किया जाएगा। सरकार इसी ड्राफ्ट को तैयार करने के लिए आज पॉलिसी एक्सपर्ट और Stake Holders के साथ दूसरे दौर की मीटिंग करेगी। सूचना प्रौद्योगिकी कानून सन् 2000 में अस्तित्व में आया था तब Internet भारत के लिए नया था। इस वजह से तब कानून के दायरे में ईकॉमर्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं आते थे।अब भारत पूरी तरह डिजिटल युग में है।

Policy Expert और स्टेक होल्डर्स के साथ दूसरे दौर की मीटिंग करेगी।

इससे पहले मार्च महीने में Electronics और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने डिजिटल इंडिया एक्ट को लेकर स्टेक होल्डर्स के साथ पहले दौर की मीटिंग की थी। Media Report के अनुसार, पहली बैठक में मंत्रालय को कुछ सुझाव मिले थे।

आज पहली बार डिजिटल इंडिया डायलॉग्स के हिस्से के रुप में किसी Bill के डिजाइन,आर्किटेक्चर और गोल्स पर इसके प्रीइंट्रोडक्शन स्टेज में स्टेक होल्डर्स के साथ चर्चा की जा रही है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और IT राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर के अनुसार,डिजिटल इंडिया एक्ट का उद्देश्य भारत को 1 Trillion Dollar की Digital Economy बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करना है। साथ ही, डिजिटल प्रोडक्ट,डिवाइसेस और ग्लोबल वैल्यू चेंज में सिग्निफिकेंट विश्वसनीय प्लेयर बनना है।

Digital India Act का उद्देश्य भारत को एक ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य

राजीव चंद्रशेखर के अनुसार अच्छाई की ताकत के रुप में शुरु हुआ इंटरनेट आज कैटफिशिंग,साइबर स्टॉकिंग,साइबर ट्रोलिंग,रिवेंज पोर्न,साइबरफ्लैशिंग,फिशिंग,डार्क वेब और साइबर-बुलिंग जैसे कई प्रकार के क्राइम केंद्र बन गया है।

प्रस्तावित कानून में यूजर्स या डिजिटल प्रकाशकों के हितों का ध्यान रखने के लिए कंटेंट मॉनेटइजेशन के नियम बनाए जाएंगे।फेक न्यूज से निपटने के उपाय किए जाएंगे। स्पाई ग्लासेस या वियरेबल गैजेट्स के लिए भी नियम बनाए जाएंगे

Read more!
Advertisement