Apple Pay की भारत में हो सकती है एंट्री, क्रेडिट कार्ड से पेमेंट का मिलेगा नया तरीका
एप्पल पे की भारत में एंट्री को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। कंपनी की पेमेंट सर्विस इस साल के आखिर में शुरू हो सकती है। शुरुआत में क्रेडिट कार्ड से पेमेंट का विकल्प मिल सकता है, लेकिन UPI को लेकर तस्वीर अलग हो सकती है। जानिए क्या बदलने वाला है।

In Short
- एपल पे सितंबर के आखिर या अक्टूबर की शुरुआत में भारत में लॉन्च हो सकता है।
- शुरुआत में वीजा और मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड का सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
- एपल पे के लॉन्च के समय UPI सपोर्ट नहीं मिल सकता है।
Apple Pay India: एप्पल पे इस साल के आखिर में भारत में लॉन्च हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी शुरुआत में वीजा और मास्टरकार्ड नेटवर्क पर जारी क्रेडिट कार्ड का सपोर्ट मिल सकता है। इसका मतलब है कि लॉन्च के समय एपल पे पर भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI का सपोर्ट नहीं मिल सकता है।
एप्पल भारत के बड़े बैंकों के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि उनके क्रेडिट कार्ड को एपल पे के साथ इस्तेमाल किया जा सके। इसके जरिए आईफोन यूजर्स सीधे अपने क्रेडिट कार्ड से पेमेंट कर पाएंगे। हालांकि, इसके लिए कुछ पात्रता शर्तें हो सकती हैं।
सितंबर के आखिर या अक्टूबर की शुरुआत में हो सकता है लॉन्च
एप्पल अपनी पेमेंट सर्विस एपल पे को भारत में सितंबर के आखिर या अक्टूबर की शुरुआत में पेश कर सकता है। शुरुआत में यूजर्स योग्य वीजा या मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड को एपल वॉलेट ऐप में जोड़ सकेंगे। इसके बाद आईफोन के जरिए कॉन्टैक्टलेस पेमेंट किया जा सकेगा, जैसा कि दूसरे बाजारों में एपल पे के जरिए होता है।
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एप्पल पे आईफोन को क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने के लिए डिजिटल वॉलेट में बदल देगा। इससे भारतीय यूजर्स को क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने का एक और तरीका मिलेगा और उन्हें हर बार फिजिकल कार्ड की जरूरत नहीं होगी।
UPI को नहीं मिल सकता है सपोर्ट
एप्पल पे के भारत में आने को लेकर सबसे बड़ा सवाल UPI सपोर्ट का है। फिलहाल यह प्लेटफॉर्म UPI आधारित पेमेंट को छोड़ सकता है। UPI सपोर्ट के लिए एप्पल को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI से मंजूरी लेनी होगी और एक स्पॉन्सर बैंक के साथ काम करना होगा।
बैंकों से फीस को लेकर बातचीत
पेमेंट के लिए एपल कथित तौर पर बैंकों से हर ट्रांजैक्शन पर 15 से 20 बेसिस पॉइंट की फीस मांग रहा है। वहीं, भारतीय बैंक इस फीस को करीब 10 बेसिस पॉइंट रखना चाहते हैं। यह फीस सीधे ग्राहकों या दुकानदारों से नहीं ली जाएगी। इसका भुगतान बैंकों को कार्ड ट्रांजैक्शन से मिलने वाले इंटरचेंज रेवेन्यू में से किया जाएगा।
आईफोन यूजर्स को कैसे मिलेगा फायदा?
एप्पल पे से आईफोन, एपल वॉच और आईपैड इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को फायदा हो सकता है। इससे कॉन्टैक्टलेस कार्ड स्वीकार करने वाले दुकानदारों और क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन में पेमेंट का एक और विकल्प मिलेगा।
इसके आने से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बढ़ सकता है। स्टोर, ऐप और वेबसाइट पर एक टैप से पेमेंट किया जा सकेगा। हर बार कार्ड नंबर, CVV और OTP डालने की जरूरत नहीं होगी। इससे हाई-वैल्यू ग्राहकों के बीच पेमेंट की फ्रीक्वेंसी बढ़ सकती है।
एप्पल पे में टोकनाइजेशन, फेस आईडी और टच आईडी जैसे फीचर भी मिलेंगे। इससे मैन्युअल कार्ड डिटेल डालने की तुलना में कार्ड स्किमिंग और फिशिंग का जोखिम कम हो सकता है।
अगर एप्पल पे UPI और क्यूआर आधारित पेमेंट को सपोर्ट नहीं करता है, तो भारत के UPI सिस्टम पर इसका असर नहीं पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में इसका इस्तेमाल NFC PoS टर्मिनल और कार्ड आधारित ऑनलाइन पेमेंट तक सीमित रहेगा।