M5 MacBook Air खरीदने की सोच रहे हैं? चिप और मेमोरी की कमी से ग्राहकों को करना पड़ सकता है लंबा इंतजार
Apple का M5 MacBook Air खरीदने की तैयारी कर रहे ग्राहकों को इंतजार करना पड़ सकता है। मजबूत डिमांड के बावजूद कंपनी सप्लाई बढ़ाने में जूझ रही है। मेमोरी चिप्स की कमी ने प्रोडक्शन और कीमतों पर असर डाला है। जानिए इस संकट की असली वजह और Apple की रणनीति।

In Short
- मेमोरी और दूसरे कंपोनेंट्स की कमी के कारण Apple M5 MacBook Air की डिमांड के मुताबिक प्रोडक्शन नहीं कर पा रही है।
- Apple वेबसाइट पर कुछ मॉडल्स की डिलीवरी अगस्त के आखिर तक और कुछ कॉन्फिगरेशन की शिपिंग सितंबर तक खिसक सकती है।
- AI सर्वर्स में HBM2 DRAM की बढ़ती मांग से SSD और DDR5 RAM महंगे हुए हैं और यह ग्लोबल शॉर्टेज 2027 तक जारी रह सकती है।
M5 MacBook Air: Apple के एम5 मैकबुक एयर की डिमांड मजबूत बनी हुई है, लेकिन कंपनी इसे जरूरत के मुताबिक बाजार में नहीं पहुंचा पा रही है। ग्लोबल चिप और कंप्यूटर कंपोनेंट्स की कमी ने स्मार्टफोन और लैपटॉप इंडस्ट्री को प्रभावित किया है। अब इसका असर Apple के सबसे लोकप्रिय लैपटॉप में शामिल मैकबुक एयर की सप्लाई पर भी साफ दिखने लगा है। आखिर मेमोरी की कमी से मैकबुक एयर का प्रोडक्शन क्यों अटक रहा है और ग्राहकों को कितने समय तक इंतजार करना पड़ सकता है, इसे आगे आसान भाषा में समझते हैं।
अगस्त के आखिर तक करना पड़ सकता है इंतजार
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, Apple को मैकबुक एयर का स्टॉक बनाए रखने में मुश्किल हो रही है। अगर कोई ग्राहक Apple की वेबसाइट से मैकबुक एयर खरीदने की कोशिश करता है, तो उसे डिलीवरी के लिए अगस्त के आखिर तक इंतजार करना पड़ सकता है। कुछ कॉन्फिगरेशन की शिपिंग सितंबर तक शुरू नहीं होने की आशंका है।
रिटेलर्स का कहना है कि मैकबुक एयर की इन्वेंट्री पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है। डिमांड मजबूत होने के बावजूद Apple लिमिटेड कंपोनेंट अवेलेबिलिटी के कारण पर्याप्त यूनिट्स तैयार नहीं कर पा रही है। इसका असर कंपनी के कम बिक्री वाले डेस्कटॉप कंप्यूटर्स मैक मिनी और मैक स्टूडियो की सप्लाई पर भी पड़ा है।
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एआई सर्वर की बढ़ती डिमांड से मेमोरी की कमी
मैकबुक एयर की सप्लाई में आई कमी की बड़ी वजह एचबीएम2 डीरैम यानी हाई बैंडविड्थ मेमोरी की बढ़ती डिमांड बताई जा रही है। इस मेमोरी का इस्तेमाल एआई सर्वर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग में बड़े स्तर पर किया जाता है।
एआई से जुड़े सिस्टम के लिए मेमोरी की मांग बढ़ने के कारण लैपटॉप और स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली स्टैंडर्ड मेमोरी चिप्स और स्टोरेज की सप्लाई घट गई है। इसी वजह से इस साल की शुरुआत से एसएसडी यानी सॉलिड-स्टेट ड्राइव और डीडीआर5 रैम की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं।
बढ़ती कंपोनेंट लागत का असर Apple के प्रोडक्ट्स की कीमतों पर भी पड़ा। जून में कंपनी ने मैकबुक समेत अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में 40,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की थी।
सप्लाई सुधारने के लिए Apple उठा रही ये कदम
रिपोर्ट के मुताबिक, Apple डिमांड को पूरा करने और सप्लाई बेहतर करने के लिए प्रोडक्ट की कीमतें बढ़ाने के साथ चीनी सप्लायर्स से मेमोरी चिप्स खरीदने जैसे विकल्पों पर काम कर रही है। हालांकि, कंपोनेंट की कमी के कारण फिलहाल हालात सामान्य होते नहीं दिख रहे हैं।
पहली बार Apple के प्रमोशनल मैटेरियल में मैकबुक एयर के बजाय बेस-मॉडल मैकबुक प्रो को ज्यादा प्रमुखता दी जा रही है। कंपनी के प्रमोशन में यह डिस्क्लेमर भी दिया गया है कि मैकबुक एयर की बिक्री उसकी अवेलेबिलिटी पर निर्भर करेगी।
ग्लोबल चिप और मेमोरी कंपोनेंट्स की कमी 2027 तक जारी रह सकती है। इससे सप्लाई चेन पर दबाव बना रहने और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ने की आशंका है।