चुपचाप महंगा हुआ Airtel का ये 84 दिन वाला प्रीपेड रिचार्ज प्लान! सस्ता ऑप्शन भी गायब, यूजर्स हैरान

कंपनी ने अपने प्रीपेड प्लान्स की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी कर दी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसकी कोई आधिकारिक घोषणा पहले नहीं की गई थी, जिसके चलते रिचार्ज कराने पहुंच रहे ग्राहकों को इस बदलाव का पता मौके पर ही चल रहा है।

Advertisement
AI Generated Image

By Gaurav Kumar:

Airtel Recharge Plan: देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल (Airtel) ने अपने करोड़ों मोबाइल यूजर्स की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। कंपनी ने अपने प्रीपेड प्लान्स की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी कर दी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसकी कोई आधिकारिक घोषणा पहले नहीं की गई थी, जिसके चलते रिचार्ज कराने पहुंच रहे ग्राहकों को इस बदलाव का पता मौके पर ही चल रहा है।

पॉपुलर प्लान हुआ महंगा

एयरटेल ने अपने सबसे लोकप्रिय 84 दिन की वैलिडिटी वाले प्लान की कीमत बढ़ा दी है। टेलीकॉम सेक्टर के आंकड़ों के मुताबिक, जो प्लान पहले 859 रुपये में मिलता था, उसके लिए अब ग्राहकों को 899 रुपये चुकाने होंगे।

सिर्फ इतना ही नहीं, कंपनी ने 799 रुपये वाला अपना किफायती प्रीपेड प्लान भी पूरी तरह हटा दिया है। इसका सीधा मतलब है कि अब लंबी वैलिडिटी चाहने वाले यूजर्स के पास सस्ते विकल्प खत्म हो गए हैं और उन्हें मजबूरन ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।

सुविधा वही, बस दाम ज्यादा

इस बढ़ी हुई कीमत के बदले ग्राहकों को कोई अतिरिक्त फायदा नहीं मिलने वाला है। कंपनी अब भी इस प्लान में रोजाना 1.5GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और हर दिन 100 SMS की सुविधा दे रही है। प्लान की वैलिडिटी भी पहले की तरह 84 दिन ही है। यानी सर्विस में बिना किसी सुधार या बढ़ोतरी के, यूजर्स को उसी सुविधा के लिए अब ज्यादा पैसे देने होंगे। 

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?

मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि यह बढ़ोतरी महज एक शुरुआत है। आजतक के रिपोर्ट के मुताबिक टेलीकॉम इंडस्ट्री के जानकार और वित्तीय विश्लेषक अजय सहाय ने कहा कि 5G नेटवर्क के विस्तार, बुनियादी ढांचे के रखरखाव और ऑपरेशनल लागत बढ़ने की वजह से कंपनियों पर भारी आर्थिक दबाव है। कंपनियां इस बढ़ते खर्च की भरपाई अब सीधे ग्राहकों से कर रही हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ सालों में रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में लगातार उछाल देखा जा रहा है।

जियो और वीआई पर भी रहेगा असर

एयरटेल के इस कदम के बाद अब निगाहें रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया (Vi) पर टिकी हैं। आमतौर पर देखा गया है कि जब एक बड़ी कंपनी टैरिफ बढ़ाती है, तो दूसरी कंपनियां भी अपना रेवेन्यू बढ़ाने के लिए इसी रास्ते पर चलती हैं। 

Read more!
Advertisement