सिर्फ नौकरी खत्म ही नहीं बल्कि जॉब्स के अवसर भी पैदा कर रहा है AI, इन शहरों में नौकरियों की सबसे अधिक डिमांड
अगर आप भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) के डोमेन में नौकरी ढूंढ रहे हैं, तो आपको एक नई रिपोर्ट के बारे में जानना चाहिए, जिसके मुताबिक एआई में नौकरी ढूंढने वालों को शायद रिलोकेट करना पड़े।

AI Jobs: जहां एक तरफ लोगों को यह डर है कि कहीं AI के आने से उनकी नौकरी पर खतरा न हो, वहीं एआई खुद कई तरह के नए अवसर भी पैदा कर रहा है। अगर आप भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) के डोमेन में नौकरी ढूंढ रहे हैं, तो आपको एक नई रिपोर्ट के बारे में जानना चाहिए, जिसके मुताबिक एआई में नौकरी ढूंढने वालों को शायद रिलोकेट करना पड़े।
एक नई रिपोर्ट के मुताबिक एआई से जुड़ी करीब 50 प्रतिशत नौकरियां सिर्फ बेंगलुरु और दिल्ली एनसीआर में हैं। CBRE Research नाम की कंपनी ने दिसंबर 2025 तक naukri.com प्लेटफॉर्म पर करीब 64,500 एक्टिव जॉब पोस्टिंग का स्टडी किया और यह पाया कि एआई जॉब्स के मामले में बेंगलुरु भारत का एआई हब है, जिसका एआई जॉब्स हिस्सा 25.4 प्रतिशत है।
बेंगलुरु के बाद दूसरे नंबर पर दिल्ली आता है, जहां सभी एआई लिस्टेड जॉब्स का 25.8 प्रतिशत है। इसका मतलब यह हुआ कि 50 प्रतिशत एआई जॉब्स अकेले दिल्ली और बेंगलुरु में हैं।
दिल्ली के बाद तीसरे नंबर पर मुंबई आता है, जिसका शेयर 19.2 प्रतिशत है। अगर इन तीनों को मिलाएं तो दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में अकेले देश के 70 प्रतिशत एआई जॉब्स हैं।
एआई जॉब्स में डिमांड
एआई जॉब्स में मुख्य रूप से तीन डोमेन हैं:
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Engineering (Software और QA)
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Data Science और Analytics
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Customer Success और Operations
इंजीनियरिंग से जुड़ी जॉब्स एआई के लिए सबसे जरूरी मानी जाती हैं, लेकिन आज ऑपरेशनल रोल में भी तेजी आ रही है, खासकर बेंगलुरु और मुंबई में। यही नया ट्रेंड दिखाता है कि एआई अब रियल टाइम बिजनेस इंटरैक्शन्समें शामिल हो रहा है।
दिल्ली की बात करें तो Data Science और Analytics सबसे ज्यादा जॉब् देने वाला डोमेन है। CBRE के अनुसार मार्केटिंग, कम्युनिकेशन और कंसल्टिंग में भी एआई से जुड़ी चीजों की डिमांड बढ़ रही है।
एआई ला रहा है बुनियादी बदलाव
सीबीआरई (CBRE) के इंडिया, साउथ-ईस्ट एशिया और मिडिल ईस्ट-अफ्रीका (MEA) के चेयरमैन और सीईओ अंशुमान मैगज़ीन के अनुसार, एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) अब सिर्फ चर्चा का विषय नहीं रहा, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विकास का एक अहम आधार बन चुका है। एआई प्रोफेशनल्स की बढ़ती मांग केवल नौकरी का ट्रेंड नहीं, बल्कि यह दिखाती है कि वैश्विक कंपनियां अब भारत को एक महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी हब के रूप में देख रही हैं।