55% मुनाफा बढ़ा फिर भी यस बैंक के शेयर में बिकवाली, 3% टूटा स्टॉक - ICICI Securities ने दिया फ्रेश टारगेट

सुबह करीब 10 बजे तक BSE पर YES Bank का शेयर 3.11 फीसदी गिरकर 22.73 रुपये के निचले स्तर तक आ गया। नतीजों के मोर्चे पर बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम 11 फीसदी बढ़कर 2,465.6 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में 2,223.5 करोड़ रुपये थी। इसी के साथ नेट इंटरेस्ट मार्जिन भी सुधरकर 2.6 फीसदी हो गया, जो सालभर पहले 2.4 फीसदी था।

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By Gaurav Kumar:

Yes Bank Share Price: सोमवार के कारोबार में यस बैंक लिमिटेड (YES Bank Ltd) के शेयर दबाव में दिख रहा है। दिसंबर तिमाही के नतीजे आने के बाद स्टॉक करीब 3 फीसदी टूट गया, जबकि बैंक ने मुनाफे में जोरदार बढ़त दिखाई।

दिसंबर तिमाही में YES Bank का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 55 फीसदी बढ़कर 951.6 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 612.30 करोड़ रुपये था।

सुबह करीब 10 बजे तक BSE पर YES Bank का शेयर 3.11 फीसदी गिरकर 22.73 रुपये के निचले स्तर तक आ गया। नतीजों के मोर्चे पर बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम 11 फीसदी बढ़कर 2,465.6 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में 2,223.5 करोड़ रुपये थी। इसी के साथ नेट इंटरेस्ट मार्जिन भी सुधरकर 2.6 फीसदी हो गया, जो सालभर पहले 2.4 फीसदी था।

ब्रोकरेज की राय और टारगेट प्राइस

ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने तिमाही को YES Bank के लिए सेहतमंद बताया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर ‘Hold’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस को 22 रुपये से बढ़ाकर 24 रुपये कर दिया है।

हालांकि, ब्रोकरेज ने वैल्यूएशन मल्टीपल 1.2 गुना पर ही रखा है। ICICI सिक्योरिटीज का कहना है कि अगर डिफॉल्ट बढ़ते हैं तो स्टॉक में नीचे की ओर जोखिम रह सकता है, जबकि पुराने NPA और SR पोर्टफोलियो से मजबूत रिकवरी होने पर तेजी की गुंजाइश है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, YES Bank का Q3FY26 का मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा। इसमें क्रेडिट कॉस्ट लगभग ना के बराबर रही, क्योंकि स्लिपेज में सुधार हुआ और SR रिडेम्प्शन से अच्छी रकम मिली। हालांकि, लोन ग्रोथ सुस्त रही और सालाना आधार पर सिर्फ 5 फीसदी बढ़ी, लेकिन CASA ग्रोथ मजबूत बनी रही।

ICICI सिक्योरिटीज ने बताया कि चुनौतीपूर्ण स्प्रेड के बावजूद NIM तिमाही आधार पर 12 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 2.6 फीसदी पहुंच गया। इसकी बड़ी वजह RIDF में गिरावट रही, जो कुल एसेट्स का करीब 7 फीसदी रह गया है। रिटेल स्लिपेज में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन यह अब भी 3.4 फीसदी के स्तर पर बना हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कुल स्लिपेज घटकर 1.6 फीसदी रह गया, जो पिछले आठ तिमाहियों में सबसे निचला स्तर है। नेट NPA 0.3 फीसदी पर स्थिर रहा, जबकि प्रोविजन कवरेज रेशियो बढ़कर 83 फीसदी हो गया। SR रिडेम्प्शन से 550 करोड़ रुपये की प्रोविजन रिवर्सल ने भी क्रेडिट कॉस्ट को नीचे रखने में मदद की।

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