पश्चिम भारत में इस लॉजिस्टिक्स कंपनी का बड़ा विस्तार! सोलर सेक्टर पर खास फोकस - ₹35 से कम शेयर प्राइस

कंपनी ने अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसने पश्चिम भारत में अपने कारोबार का विस्तार करते हुए गुजरात में अपनी मौजूदगी और मजबूत कर ली है, जो सोलर एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट के लिए उसका सबसे तेजी से बढ़ता बाजार है।

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By Gaurav Kumar:

अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स कंपनी, टाइगर लॉजिस्टिक्स (इंडिया) लिमिटेड (Tiger Logistics (India) Ltd) ने बीते सोमवार को बाजार बंद होने के बाद अपने निवेशकों को एक बड़ी जानकारी दी।

कंपनी ने अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि टाइगर लॉजिस्टिक्स ने पश्चिम भारत में अपने कारोबार का विस्तार करते हुए गुजरात में अपनी मौजूदगी और मजबूत कर ली है, जो सोलर एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट के लिए उसका सबसे तेजी से बढ़ता बाजार है।

कंपनी ने बताया कि गुजरात देश की सोलर सप्लाई चेन का अहम केंद्र है, जहां भारत की करीब 47% सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग और 49% सेल उत्पादन होता है। कंपनी की पहले से गांधीधाम और अहमदाबाद में शाखाएं हैं और अब गुजरात क्षेत्र के लिए एक जनरल मैनेजर की नियुक्ति कर संचालन को मजबूत किया गया है, ताकि ग्राहकों के करीब रहकर तेजी से सेवाएं दी जा सकें।

फाइलिंग से मिली जानकारी के मुताबिक टाइगर लॉजिस्टिक्स की रिन्यूएबल एनर्जी यूनिट ‘TiGreen’ हर महीने करीब 2,000 कंटेनर (TEUs) सोलर सामान की ढुलाई संभालती है, जिसमें से ज्यादातर काम गुजरात से आता है।

कंपनी को उम्मीद है कि अगले एक साल में यह कारोबार 40-45% तक बढ़ सकता है। इसके अलावा, भारत में सोलर कंपनियां आने वाले वर्षों में लगभग 94.5 गीगावॉट नई सेल निर्माण क्षमता जोड़ने की योजना बना रही हैं, जिसे सरकारी योजनाओं- जैसे प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से भी बढ़ावा मिल रहा है।

कंपनी का मानना है कि इससे भविष्य में सोलर उपकरणों की मांग और आयात-निर्यात गतिविधियां काफी बढ़ेंगी, जिससे उसे बड़े कारोबारी अवसर मिलेंगे।

Tiger Logistics Share Price

कंपनी का शेयर सुबह 10:27 बजे तक बीएसई पर 1.77% या 0.57 रुपये गिरकर 31.55 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और एनएसई पर शेयर 1.10% या 0.35 रुपये टूटकर 31.52 रुपये पर कारोबार कर रहा था।

Tiger Logistic Q3 FY26 Results

लॉजिस्टिक्स कंपनी का नेट प्रॉफिट घटकर ₹5.94 करोड़ रह गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹8.42 करोड़ था। कंपनी की रेवेन्यू में साल-दर-साल 13.4% की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट मुख्य रूप से ऑपरेटिंग खर्च और फाइनेंस कॉस्ट में हल्की बढ़ोतरी के कारण रही। फाइनेंस कॉस्ट बढ़कर ₹1.47 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹0.95 करोड़ थी। हालांकि, पहले नौ महीनों के रुझान अभी भी स्थिर बने हुए हैं।

Q3FY26 में कंपनी का कुल खर्च ₹133.166 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹151.8 करोड़ था। कुल खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा ऑपरेटिंग खर्च का रहा, जो ₹123 करोड़ था।

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