एंटी-एजिंग और लॉन्गेविटी बाजार में एंट्री की खबर से इस छोटू शेयर में लगा अपर सर्किट, आपका दांव है?

इस पेनी स्टॉक में अपर सर्किट लगा, क्योंकि कंपनी ने भारत के तेजी से बढ़ते एंटी-एजिंग और लॉन्गेविटी बाजार में एंट्री का ऐलान किया। कंपनी कंज्यूमर हेल्थ प्रोडक्ट्स, न्यूट्रास्यूटिकल्स और डिजिटल वेलनेस सॉल्यूशंस पर फोकस करेगी, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

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By Gaurav Kumar:

लाइफ साइंसेज और सप्लाई चेन इंडस्ट्री के लिए स्पेशल सॉल्यूशन और सर्विस देने वाली स्मॉल कैप कंपनी, टेक सॉल्यूशंस लिमिटेड (Take Solutions Ltd) के शेयर में अपर सर्किट लगा है। दोपहर 1:08 बजे तक कंपनी का शेयर 2% के अपर सर्किट के साथ बीएसई पर 48.91 रुपये पर है और एनएसई पर 49.16 रुपये पर है। इस कंपनी का मार्केट कैप फिलहाल 723.55 करोड़ रुपये है।

इस वजह से दौड़ा शेयर

दरअसल कंपनी ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि वो भारत के तेजी से बढ़ते लॉन्गेविटी और एंटी-एजिंग बाजार में एंट्री करेगी। कंपनी अपने क्लिनिकल रिसर्च, लाइफ साइंसेज और रेगुलेटरी अनुभव का उपयोग करते हुए कंज्यूमर हेल्थ प्रोडक्ट्स और डिजिटल वेलनेस प्लेटफॉर्म तैयार करेगी।

फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि ग्लोबल लॉन्गेविटी मार्केट 2025 में 27.61 अरब डॉलर का था, जो 2035 तक 67.03 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि भारत में एंटी-एजिंग सप्लीमेंट्स, सर्विस और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर में तेजी से अवसर बढ़ रहे हैं।

एक्सचेंज फाइलिंग में मिली जानकारी के मुताबिक कंपनी की रणनीति दो हिस्सों पर आधारित है- इनवेटिव प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी आधारित हेल्थ सॉल्यूशंस। इसके तहत साइंस-बेस्ड न्यूट्रास्यूटिकल्स, बायोहैकिंग प्रोडक्ट्स और ऐसे डिजिटल टूल्स बनाए जाएंगे, जो मेटाबॉलिक हेल्थ, नींद, दिमागी क्षमता और बायोलॉजिकल एजिंग को ट्रैक और बेहतर करने में मदद करें। कंपनी का लक्ष्य प्रोडक्ट, सर्विस और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए मजबूत और विविध रेवेन्यू मॉडल बनाना है।

कंपनी ने बताया कि भारत का प्रिवेंटिव हेल्थकेयर मार्केट 2025 तक 197 अरब डॉलर का हो चुका है, जो लोगों के इलाज से ज्यादा रोकथाम और हेल्थ मॉनिटरिंग की ओर बढ़ते रुझान को दिखाता है।

वहीं, भारत में एंटी-एजिंग सप्लीमेंट्स मार्केट 2025 के 168.6 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2033 तक 341.4 मिलियन डॉलर और एंटी-एजिंग सर्विसेज मार्केट 2024 के 567.5 मिलियन डॉलर से 2035 तक 1,059.6 मिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। कंपनी का मानना है कि उसकी हेल्थकेयर और रेगुलेटरी क्षमता इस सेक्टर में तेजी से ग्रोथ और विस्तार में मदद करेगी।

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