₹54 पर आया Suzlon Energy का स्टॉक, एक्सपर्ट ने बताया अगला टारगेट
Suzlon Energy Ltd के शेयरों में लगातार 5वें सत्र में गिरावट देखी जा रही है। इंट्रा डे के दौरान शेयर 9.26 प्रतिशत गिरकर 53.89 रुपये के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया। इस प्राइस के आधार पर शेयर ने 5 कारोबारी दिनों में 22.25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। अब सवाल ये है कि शेयर कितना और गिर सकता है या फिर किन लेवल पर वापस बाउंस बैक कर सकता है?

Suzlon Energy Ltd के शेयरों में लगातार 5वें सत्र में गिरावट देखी जा रही है। इंट्रा डे के दौरान शेयर 9.26 प्रतिशत गिरकर 53.89 रुपये के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया। इस प्राइस के आधार पर शेयर ने 5 कारोबारी दिनों में 22.25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। अब सवाल ये है कि शेयर कितना और गिर सकता है या फिर किन लेवल पर वापस बाउंस बैक कर सकता है?
कुछ विश्लेषकों ने इस स्टॉक पर अधिकतर 'नेगेटिव' रुख बनाए रखा। Invest4edu के को-फाउंडर और रिसर्च एवं इन्वेस्टमेंट्स अदित्य अग्रवाल का कहना है कि वर्तमान स्तरों पर Suzlon अभी भी प्रीमियम वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के संयुक्त राज्य अमेरिका में फिर से चुनाव जीतने के बाद से सभी रेन्यूएबल एनर्जी शेयरों को तगड़ा झटका लगा है। इन सभी रेन्यूएबल एनर्जी कंपनियों और स्टॉक्स पर विशेष रूप से सोलर पैनल कंपनियों के प्रति नेगेटिव नजरिया है। भले ही Suzlon Energy Ltd, विंड एनर्जी कंपनी है, लेकिन मुझे लगता है कि इसमें कुछ और गिरावट आ सकती है।
अदित्य अग्रवाल का कहना है कि खरीदारी या एवरेजिंग के लिए जल्दबाजी मत करें। हो सकता है कि 50 रुपये के करीब या जब स्टॉक थोड़ा स्थिर हो जाए और फिर उछाल दिखाई दे, तब खरीदारी करना अच्छा विचार हो सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि 100 रुपये का टार्गेट जल्द नहीं देख सकते हैं, हमारा टार्गेट 80-85 रुपये प्रति शेयर के आसपास रहेगा।
बात करें ट्रंप की तो रेन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को सपोर्ट नहीं करते हैं और उन्होंने अपनी संभावित राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के पहले दिन ही रेन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को रोकने का दावा किया था।
StoxBox के तकनीकी विश्लेषक कुशल गांधी का कहना है कि निकट भविष्य में इस काउंटर को नजरअंदाज करने की सलाह दी। गांधी का कहना है कि वर्तमान सुधारात्मक चरण में उतार-चढ़ाव वाली चालें और हाई सेल्स वॉल्यूम्स देखी जा रही हैं और प्राइस एक्शन के आधार पर कोई सुधार के संकेत नहीं दिख रहे हैं। हम सुजलोन को वर्तमान बाजार प्राइस पर न खरीदने की सलाह देते हैं क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है।
हाल ही में, सुजलोन के नए बिजनेस के CEO ईश्वर चंद मंगल ने 28 साल तक कंपनी से जुड़े रहने के बाद इस्तीफा दे दिया। आय के हिसाब से रेन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूएशन कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 (Q2 FY25) की दूसरी तिमाही में अपने कंसो नेट प्रॉफिट में 95.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। सितंबर 2024 तक, प्रमोटर्स के पास कंपनी में 13.25 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जो पिछले तिमाही में 13.27 प्रतिशत से थोड़ी कम है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। निवेश निर्णय लेने से पहले एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सिफारिश की जाती है।