इस स्मॉल कैप कंपनी को टाटा स्टील से मिला बड़ा वर्क ऑर्डर! 5 साल में 11000% से ज्यादा भागा है शेयर

इस कंपनी ने अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में एक बड़े ऑर्डर की जानकारी दी है। कंपनी ने बताया की उसे टाटा ग्रुप की दिग्गज कंपनी टाटा स्टील (Tata Steel) से वर्क ऑर्डर मिला है। 

Advertisement

By Gaurav Kumar:

Stock in Focus: कंस्ट्रक्शन सेक्टर की स्मॉल कैप कंपनी, हज़ूर मल्टी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (Hazoor Multi Projects Ltd) ने अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में एक बड़े ऑर्डर की जानकारी दी है। कंपनी ने बताया की उसे टाटा ग्रुप की दिग्गज कंपनी टाटा स्टील (Tata Steel) से वर्क ऑर्डर मिला है। 

लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग से मिली जानकारी के मुताबिक Hazoor Multi Projects Limited को Tata Steel Limited से एक बड़ा वर्क ऑर्डर मिला है। यह प्रोजेक्ट TSSIJ, बिलेइपाड़ा (जोडा) में कर्मचारियों के लिए OPR और NOPR कॉलोनी के डिजाइन, इंजीनियरिंग, निर्माण और पूरी तरह तैयार करके सौंपने से जुड़ा है।

इसमें G+9 मंजिला अपार्टमेंट ब्लॉक्स बनाए जाएंगे, जिनमें सिविल, आर्किटेक्चर, इलेक्ट्रिकल, प्लंबिंग, सैनिटरी, फायर फाइटिंग, वॉटरप्रूफिंग, पानी के टैंक, एरिया डेवलपमेंट और ऑटोमेटेड लिफ्ट जैसी सभी सुविधाएं शामिल होंगी।

इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 900 वर्गफुट के 288 NOPR फ्लैट और लगभग 1,100 वर्गफुट के 72 OPR फ्लैट बनाए जाएंगे। पूरे काम को टाटा स्टील द्वारा तय स्टैंडर्ड और दायरे के अनुसार पूरा किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग ₹182.95 करोड़ (GST अतिरिक्त) है और इसे 24 महीनों के अंदर पूरा किया जाएगा।

Hazoor Multi Projects Share Price

कंपनी का शेयर आज बीएसई पर दोपहर 3:18 बजे तक 1.54% या 0.53 रुपये गिरकर 33.89 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। फिलहाल इस कंपनी का मार्केट कैप 789.06 करोड़ रुपये है। BSE Analytics के मुताबिक कंपनी का शेयर पिछले 5 साल में 11070% से ज्यादा चढ़ा है।

कंपनी ने हाल ही में दी थी बड़ी जानकारी

कंपनी ने बीते बुधवार को एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि हजूर मल्टी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (HMPL) ने पहले Vyom Hydrocarbon Private Limited (VHPL) में 51% हिस्सेदारी खरीदी थी और उसके बोर्ड में अपने डायरेक्टर नियुक्त किए थे। VHPL ने आगे Quippo Oil and Gas Infrastructure Limited की 100% हिस्सेदारी खरीद ली थी, जिससे Quippo कंपनी की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी बन गई थी।

लेकिन जुलाई 2025 में VHPL द्वारा जारी किए गए लगभग 22.30 करोड़ रुपये के CCD (कन्वर्टिबल डिबेंचर) बाद में इक्विटी में बदल दिए गए, जिससे HMPL की हिस्सेदारी घटकर बहुमत से नीचे आ गई।

इसके कारण अकाउंटिंग नियमों के अनुसार कंपनी का VHPL पर कंट्रोल खत्म हो गया और अब VHPL और उसकी सहायक कंपनी Quippo, दोनों HMPL की सब्सिडियरी नहीं रहीं।

Read more!
Advertisement