शेयर बाजार में हडकंप! सेंसेक्स 1100 अंक से ज्यादा लुढ़का, निवेशकों के ₹10 लाख करोड़ साफ
दोपहर 3:18 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 1.36% या 1133.73 अंक गिरकर 82,112.45 अंक पर ट्रेड कर रहा था और एनएसई निफ्टी 1.50% या 384.60 अंक गिरकर 25,200.90 अंक पर कारोबार कर रहा था। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी दबाव देखने को मिला।

Stock Market Crash: मंगलवार को लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिल रही है। दोपहर 3:18 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 1.36% या 1133.73 अंक गिरकर 82,112.45 अंक पर ट्रेड कर रहा था और एनएसई निफ्टी 1.50% या 384.60 अंक गिरकर 25,200.90 अंक पर कारोबार कर रहा था। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी दबाव देखने को मिला।
₹10 लाख करोड़ से ज्यादा की वैल्यू साफ
घरेलू बाजार में गिरावट इतनी तेज रही कि BSE का कुल मार्केट कैप करीब ₹10.22 लाख करोड़ घट गया। निवेशकों की कुल संपत्ति घटकर ₹455.02 लाख करोड़ रह गई, जो पिछले सत्र में ₹465.19 लाख करोड़ थी। आज की गिरावट में Eternal, Bajaj Finance, Infosys, Sun Pharma, M&M, Reliance Industries, L&T, Tata Consultancy Services, ITC और IndiGo जैसे दिग्गज शेयरों का बड़ा योगदान रहा।
611 शेयरों ने छुआ 52-वीक लो
बाजार की कमजोरी का अंदाजा इस बात से भी लगा कि BSE पर 611 शेयर अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए। BSE500 के कई शेयर जैसे Aarti Industries, AAVAS Financiers, Aditya Birla Fashion and Retail, Aditya Birla Lifestyle Brands, Aditya Birla Real Estate, Action Construction Equipment, Aegis Vopak Terminals और Afcons Infrastructure ने एक साल का लो बनाया। हालांकि, इसी दौरान 61 शेयरों ने 52-वीक हाई भी छुआ।
हर जगह बिकवाली का दबाव
आज कुल 4,318 में से 3,395 शेयर लाल निशान में बंद होते दिखे। सिर्फ 784 शेयरों में तेजी रही, जबकि 139 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। बाजार की चौड़ाई साफ तौर पर कमजोर नजर आई।
कुछ शेयरों में 12% तक गिरावट
Newgen Software Technologies, Data Patterns (India), Oberoi Realty, Ola Electric Mobility, Jyoti CNC Automation और IFCI के शेयरों में 12.41% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।
FII-DII आंकड़ों ने बढ़ाया दबाव
NSE के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुद्ध रूप से ₹3,200.98 करोड़ के शेयर बेचे। इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने ₹4,007.35 करोड़ की खरीदारी की, लेकिन FII की बिकवाली का असर बाजार पर भारी पड़ा।