रेलवे से दो बड़ा ऑर्डर मिलते ही उछला ये स्मॉल कैप स्टॉक! शेयर प्राइस 50 रुपये से कम

1,005.02 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस स्मॉल कैप कंपनी का शेयर सुबह 11:43 बजे तक स्टॉक बीएसई पर 2.94% या 1.19 रुपये की तेजी के साथ 41.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था।

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By Gaurav Kumar:

इलेक्ट्रॉनिक और टेलीकम्युनिकेशन उपकरणों के डिजाइन, डेवलपमेंट और निर्माण करने वाली स्मॉल कैप कंपनी एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (MIC Electronics Ltd) ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बड़ी जानकारी दी है जिसके बाद कंपनी का शेयर करीब 3 प्रतिशत चढ़कर कारोबार कर रहा है। 

1,005.02 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस स्मॉल कैप कंपनी का शेयर सुबह 11:43 बजे तक स्टॉक बीएसई पर 2.94% या 1.19 रुपये की तेजी के साथ 41.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था। कंपनी ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे भारतीय रेलवे के सेंट्रल रेलवे (CR) जोन के नागपुर डिवीजन के सिग्नल और टेलीकम्युनिकेशन विभाग से एक लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस मिला है।

यह ऑर्डर वर्धा स्टेशन पर टेलीकॉम एसेट्स और पैसेंजर सुविधाओं (IPIS) की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग से जुड़ा है। इस प्रोजेक्ट की कुल वैल्यू करीब 1.12 करोड़ रुपये है और इसे 6 महीने के भीतर पूरा करना होगा।

इसके अलावा कंपनी ने यह भी बताया कि उसे भारतीय रेलवे के साउदर्न रेलवे (SR) जोन के सलेम डिवीजन से एक LOA वैरिएशन ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर अमृत भारत योजना के तहत तिरुपत्तूर, समलपट्टी, मोरप्पुर, बोम्मिडी और सलेम स्टेशनों पर पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम लगाने से जुड़ा है।

इसके साथ ही इन सिस्टम्स के 5 साल तक रखरखाव (CAMC) का काम भी शामिल है। इस प्रोजेक्ट की कुल वैल्यू लगभग 1.09 करोड़ रुपये है और इसे 5 साल की अवधि में पूरा किया जाएगा।

Q3 में 80% बढ़ी थी सेल

हैदराबाद स्थित एलईडी डिस्प्ले और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने वाली MIC Electronics Ltd के Q3 FY26 नतीजे मिले-जुले रहे थे। कंपनी की नेट सेल्स सालाना आधार पर 80% की बढ़त के साथ 90.23 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी जो एक साल पहले 50 करोड़ रुपये थी। लेकिन तिमाही आधार पर उसका नेट प्रॉफिट 13.36% घटकर 1.88 करोड़ रुपये रह गया।

तेज रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद कंपनी के मुनाफे पर दबाव साफ दिखा। इस तिमाही में ऑपरेटिंग मार्जिन Q2 FY26 के 10.06% से घटकर 4.40% रह गया, जबकि पीएटी मार्जिन भी 5.73% से गिरकर 2.08% पर आ गया। पिछले एक साल में शेयर में करीब 45% की गिरावट आई है, जबकि सेंसेक्स में इसी दौरान बढ़त दर्ज की गई। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है कि कंपनी की मजबूत बिक्री बढ़त क्या लंबे समय तक टिकाऊ मुनाफे में बदल पाएगी या नहीं।

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