52 Week Low से 11% उछला इंफोसिस का शेयर, एआई डील ने जगाई नई उम्मीद - जानिए एक्सपर्ट्स की राय

कंपनी ने एंथ्रोपिक के साथ मिलकर एडवांस्ड एंटरप्राइज एआई सॉल्यूशंस डेवलप और डिलीवर करने की घोषणा की, जिसके बाद शेयर 4.5 फीसदी से ज्यादा उछलकर 1,428 रुपये पर पहुंच गया।

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(AI Generated Image)

By Gaurav Kumar:

Infosys: भारतीय आईटी शेयरों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच मंगलवार को इंफोसिस लिमिटेड (Infosys Ltd) के शेयरों ने दमदार वापसी की। कंपनी ने एंथ्रोपिक के साथ मिलकर एडवांस्ड एंटरप्राइज एआई सॉल्यूशंस डेवलप और डिलीवर करने की घोषणा की, जिसके बाद शेयर 4.5 फीसदी से ज्यादा उछलकर 1,428 रुपये पर पहुंच गया। कंपनी का मार्केट कैप भी 5.8 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया।

पिछले शुक्रवार, 13 फरवरी को शेयर ने अपना 52 वीक लो 1,281.55 रुपये को टच किया था। वहां से अभी तक स्टॉक 11.4 फीसदी संभल चुका है, हालांकि अभी भी 1,861 रुपये के 52 वीक हाई से करीब 23 फीसदी नीचे है।

टेलीकॉम से होगी शुरुआत, कई सेक्टर में विस्तार

कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि एंथ्रोपिक के साथ शुरुआत टेलीकॉम सेक्टर से होगी। इसके लिए एक समर्पित ‘एंथ्रोपिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाया जाएगा, जो इंडस्ट्री-विशिष्ट एआई एजेंट बनाएगा। बाद में यह सहयोग फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट तक फैलेगा।

एजेंटिक एआई पर बड़ा दांव

इस पार्टनरशिप का केंद्र ‘एजेंटिक एआई’ है, जो ऑटोनोमस और एंड-टू-एंड वर्कफ्लो संभाल सकता है। अन्विल शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग की रिसर्च एनालिस्ट धनश्री जाधव ने कहा कि क्लॉड एजेंट एसडीके जैसे टूल्स की मदद से एआई एजेंट लंबे और जटिल काम खुद कर सकेंगे। इससे लेगेसी सिस्टम मॉडर्नाइजेशन तेज होगा और लागत व जोखिम घटेंगे।

एसबीआई सिक्योरिटीज में फंडामेंटल रिसर्च के प्रमुख सनी अग्रवाल ने कहा कि टेलीकॉम, फाइनेंशियल सर्विसेज और मैन्युफैक्चरिंग में एआई एजेंट बनाना इंफोसिस के लिए लंबे समय में फायदेमंद रहेगा। यह एंथ्रोपिक के लिए भी विन-विन है, क्योंकि उन्हें रेगुलेटेड सेक्टर तक पहुंच मिलती है।

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च हेड संतोष मीना ने इसे एंटरप्राइज एआई में मजबूत पोजिशनिंग बताया। उनके मुताबिक, पारंपरिक आईटी कंपनियां अब एआई को लेकर आक्रामक रणनीति अपना रही हैं।

फर्स्ट ग्लोबल की चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर देविना मेहरा ने माना कि भारतीय आईटी कंपनियां अपने बिजनेस मॉडल को बदल लेंगी, लेकिन रोजगार के लिहाज से यह सेक्टर पहले जैसा नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म में कुछ दबाव दिख सकता है और मॉडल कम ‘पीपल-इंटेंसिव’ होगा।

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के फाउंडर गौरव उदानी ने कहा कि अगले 12–18 महीने तय करेंगे कि एआई डील्स ऑर्डर बुक और मार्जिन में कितनी तेजी से दिखती हैं।

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