IDFC First Bank Share Crash: फ्रॉड खुलासे के बाद ब्रोकरेज Investec ने इतना घटाया टारगेट - चेक करें डिटेल्स

दोपहर 12:43 बजे तक कंपनी का शेयर बीएसई पर 15.68% या 13.10 रुपये गिरकर 70.46 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और एनएसई पर स्टॉक 15.67% या 13.09 रुपये टूटकर 70.42 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

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By Gaurav Kumar:

IDFC First Bank Share: 590 करोड़ रुपये के फ्रॉड खुलासे के बाद, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक लिमिटेड (IDFC First Bank Ltd) को ब्रोकरेज Investec से झटका मिला है। ब्रोकरेज ने शेयर को डाउनग्रेड करते हुए अपना टारगेट प्राइस 105 रुपये से घटाकर 92 रुपये कर दिया है। यानी ब्रोकरेज ने करीब 12.38% की कटौती की है। हालांकि, यह नया टारगेट मौजूदा बाजार भाव से लगभग 30% ऊपर है।

दोपहर 12:43 बजे तक कंपनी का शेयर बीएसई पर 15.68% या 13.10 रुपये गिरकर 70.46 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और एनएसई पर स्टॉक 15.67% या 13.09 रुपये टूटकर 70.42 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

जांच और रिकवरी पर टिकी आगे की दिशा

Investec ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वह 'सतर्क लेकिन कंस्ट्रक्टिव' रुख बनाए हुए है। ब्रोकरेज के मुताबिक, फ्रॉड का अंतिम असर जांच के नतीजों, रिकवरी और आगे के ऑपरेशनल सुधारों पर निर्भर करेगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बैंक को अपने ऑपरेशनल कंट्रोल्स मजबूत करने होंगे और यह सुनिश्चित करना होगा कि मामला दूसरे ग्राहकों तक न फैले।

590 करोड़ का झटका, लेकिन ग्रोथ पर भरोसा

Investec ने माना कि 590 करोड़ रुपये का असर शॉर्ट टर्म दबाव डालेगा। इसके बावजूद ब्रोकरेज ने बैंक की ग्रोथ संभावनाओं पर भरोसा जताया है। पहले के अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 से 2028 के बीच कोर प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPoP) में 29% वृद्धि की उम्मीद जताई गई थी।

बैंक ने रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा था कि प्राइमा फेसी, चंडीगढ़ की एक शाखा में हरियाणा राज्य सरकार के कुछ खातों में कुछ कर्मचारियों द्वारा अनधिकृत और धोखाधड़ी वाली गतिविधियां की गई हैं। इसमें अन्य व्यक्ति या संस्थाएं भी शामिल हो सकती हैं।

मामले में चार संदिग्ध अधिकारियों को जांच लंबित रहने तक सस्पेंड कर दिया गया है। बैंक ने कहा कि जिम्मेदार कर्मचारियों और बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ लागू कानून के तहत सख्त अनुशासनात्मक, सिविल और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट के लिए KPMG को नियुक्त किया गया है।

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