PSU Bank Stock: हर शेयर पर होगा 200 रुपए का मुनाफा!
देश के सबसे बड़ा बैंक State Bank of India अपना 52 वीक हाई 912 रुपए प्रति शेयर पर पहुंचने के बाद दबाव का सामना कर रहा है। ऐसे में सवाल है कि स्टॉक 1000 के स्तर को छूएगा या नहीं?फिलहाल तो ये 800 रुपए प्रति स्टॉक पर ट्रेड कर रहा है।

देश के सबसे बड़ा बैंक State Bank of India अपना 52 वीक हाई 912 रुपए प्रति शेयर पर पहुंचने के बाद दबाव का सामना कर रहा है। ऐसे में सवाल है कि स्टॉक 1000 के स्तर को छूएगा या नहीं?फिलहाल तो ये 800 रुपए प्रति स्टॉक पर ट्रेड कर रहा है।
क्या है टारगेट?
ICICI Securities का कहना है कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के शेयर, जो अपने 10 साल के एवरेज वैल्यूएशन मल्टीपल के करीब कारोबार कर रहे हैं, ₹1000 के स्तर को छू सकते हैं। घरेलू ब्रोकरेज का मानना है कि PSU बैंक के शेयर के वैल्यूएशन को मार्केट शेयर गेन्स, उच्चतर रिटर्न रेश्यो और बैलेंसशीट में कम जोखिम के नजरिये से देखा जाना चाहिए, इसलिए स्टॉक पर 'खरीद' की रेटिंग का सुझाव दिया है।
तेजी का नजरिया क्यों?
SBI का स्टॉक वित्त वर्ष 2026 के अनुमानित कोर बैंकिंग बिजनेस पर 1.15 गुना के वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है, जबकि सहायक कंपनियों की वैल्यू मूल्य ₹263 प्रति शेयर है। ICICI सिक्योरिटीज ने कहा कि जबकि SBI का रिटर्न ऑन एसेट (RoA) शायद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। अगले दो सालों के लिए उम्मीद RoA इसके 10 सालों के औसत का लगभग दोगुना है, और बैलेंस शीट में कम जोखिम है। इस वैल्यूएशन को इस संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए कि बैंक अगले दो सालों में क्रेडिट मार्केट में हिस्सेदारी हासिल कर रहा है और LDR, LCR और रेग्युलेटरी रिटेल पर अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में है। हमें यह भी विश्वास है कि SBI अपने प्राइवेट बैंक्स के मुकाबले असुरक्षित रिटेल में अपने प्रदर्शन को बनाए रख सकता है। ब्रोकरेज का मानना है कि सरकारी बैंक FY25 में 17 प्रतिशत और FY26 में 16 प्रतिशत का RoE देने में सक्षम होगा, जबकि FY24 में यह 19 प्रतिशत था। जबकि RoE में कुछ कमी आई है, लेकिन फिर भी ये निजी बैंकों की तुलना में बेहतर है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NSE अपने IPO के एक कदम करीब है। SBI और SBI कैपिटल साथ मिलकर NSE में 7.6 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। मीडिया रिपोर्ट्स यह भी सुझाव देती हैं कि YES बैंक में SBI की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत है, जो निकट भविष्य में एक रणनीतिक निवेशक देख सकती है। ऐसे में ब्रोकरेज का कहना है कि YES बैंक और NSE में वैल्यू unlocking का मौका है। जहां SBI के पास महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।
बैंक में अगर प्रमोटर्स की हिस्सेदारी देखें तो करीब 57.51 प्रतिशत है। जबकि FIIs 10 प्रतिशत और DIIs 23.94 प्रतिशत होल्डिंग है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। निवेश निर्णय लेने से पहले एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सिफारिश की जाती है।