धमाकेदार तेजी! 10 महीने से कम समय में मिला 305% का छप्परफाड़ रिटर्न - आज हिंदुस्तान कॉपर ने बनाया 52 Week High

स्टॉक ने आज अपना फ्रेश 52 Week High 745 रुपये को टच किया है। बीएसई पर आज यह शेयर 660 रुपये पर खुला था और अभी तक इसने अपना इंट्राडे हाई 745 रुपये को टच किया है जो इसका एक साल का उच्चतम स्तर भी है।

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By Gaurav Kumar:

PSU Stock: कमोडिटी और मेटल्स में जारी ग्लोबल रैली के बीच, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (Hindustan Copper Ltd) के शेयर में आज करीब 18% की ताबड़तोड़ तेजी देखने को मिली है। 

स्टॉक ने आज अपना फ्रेश 52 Week High 745 रुपये को टच किया है। बीएसई पर आज यह शेयर 660 रुपये पर खुला था और अभी तक इसने अपना इंट्राडे हाई 745 रुपये को टच किया है जो इसका एक साल का उच्चतम स्तर भी है। इस पीएसयू स्टॉक ने 10 महीनों से भी कम समय में मल्टीबैगर रिटर्न देकर बाजार में निवेशकों का ध्यान खींचा है।

सुबह 11:51 बजे तक स्टॉक बीएसई पर 16.73% या 105.85 रुपये चढ़कर 738.55 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और एनएसई पर स्टॉक 16.65% या 105.45 रुपये की तेजी के  साथ 738.85 रुपये पर ट्रे़ड कर रहा था।

10 महीने से कम समय में 305% का रिटर्न

अप्रैल 2025 में इस शेयर का 52 Week Low 183.90 रुपये था। यहां से यह शेयर निवेशकों की पूंजी को चार गुना से ज्यादा बढ़ा चुका है। इस दौरान इसने करीब 305% का रिटर्न (10 महीनों से भी कम समय में) और सिर्फ छह महीनों में लगभग तीन गुना उछाला है। 

बोर्ड मीटिंग और अंतरिम डिविडेंड पर नजर

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी का बोर्ड 5 फरवरी 2026 को बैठक करेगा। इसमें 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के अनऑडिटेड नतीजों के साथ वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अंतरिम डिविडेंड पर भी विचार होगा।

टेक्निकल चार्ट पर चेतावनी

Kantilal Chhaganlal Securities के वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) महेश ओझा का कहना है कि चार्ट पर नया ब्रेकआउट दिख रहा है, लेकिन नई खरीद से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा निवेशक स्टॉप लॉस के साथ होल्ड करें। हालिया तेजी पूरी तरह ग्लोबल फैक्टर से आई है, इसलिए सावधानी जरूरी है।

इसी तरह Anand Rathi Share and Stock Brokers के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट जिगर एस. पटेल ने बताया कि शेयर शॉर्ट टर्म में ओवरएक्सटेंडेड है। उनके मुताबिक, ₹657 के ऊपर मंथली क्लोज मिलने पर अपट्रेंड की पुष्टि होगी, जबकि ₹784 के आसपास लॉन्ग टर्म रेजिस्टेंस दिखता है।

INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दासानी के मुताबिक, पावर, रिन्यूएबल्स, ईवी और इंफ्रास्ट्रक्चर से घरेलू कॉपर डिमांड बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सीमित सप्लाई और वैश्विक जोखिमों के चलते कॉपर एक स्ट्रक्चरल बुल साइकिल में है, जिससे हिंदुस्तान कॉपर की लॉन्ग टर्म कहानी को मजबूती मिल रही है।

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