इस स्मॉल कैप कंपनी ने शेयरधारकों को दी बड़ी जानकारी! रडार पर ₹35 से कम वाला ये शेयर
कंपनी ने 27 जनवरी 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया था कि वह अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्क्वायर पोर्ट शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड के ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (OCDs) को इक्विटी शेयरों में बदलने जा रही है।

स्मॉल कैप कंपनी, हज़ूर मल्टी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (Hazoor Multi Projects Ltd) ने बीते शनिवार 28 फरवरी को अपने एक एक्सचेंज फाइलिंग में निवेशकों को बड़ी जानकारी दी। हालांकि आज बाजार में भारी बिकवाली के कारण कंपनी का शेयर सुबह 10:44 बजे तक बीएसई पर 4.23% या 1.36 रुपये गिरकर 30.80 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
अपने लेटेस्ट फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि उसने जो 27 जनवरी 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को बताया था कि वह अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्क्वायर पोर्ट शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड के ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (OCDs) को इक्विटी शेयरों में बदलने जा रही है। अब इस अधिग्रहण/परिवर्तन की समय-सीमा में बदलाव किया गया है और इसे मार्च 2026 तक पूरा किया जाएगा। इसके अलावा पहले दी गई जानकारी में कोई अन्य बदलाव नहीं किया गया है।
CRISIL ने हाल ही में कंपनी के लोन सुविधाओं को दी है रेटिंग
हाल ही में कंपनी ने एक अन्य फाइलिंग में बताया था कि CRISIL रेटिंग्स लिमिटेड ने Hazoor Multi Projects Limited की प्रमुख सहायक कंपनी Hazoor Infra Projects Limited के बैंक लोन सुविधाओं को रेटिंग दी है।
यह रेटिंग कंपनी के Hybrid Annuity Model (HAM) प्रोजेक्ट के लिए दी गई है। CRISIL ने ₹476 करोड़ की लॉन्ग टर्म सुविधाओं को BBB+/Stable रेटिंग और ₹476 करोड़ की शॉर्ट टर्म सुविधाओं को A2 रेटिंग दी है।
हाल ही में टाटा स्टील से भी मिला था बड़ा ऑर्डर
कंपनी को हाल ही में Tata Steel Limited से एक बड़ा वर्क ऑर्डर मिला है। यह प्रोजेक्ट TSSIJ, बिलेइपाड़ा (जोडा) में कर्मचारियों के लिए OPR और NOPR कॉलोनी के डिजाइन, इंजीनियरिंग, निर्माण और पूरी तरह तैयार करके सौंपने से जुड़ा है।
इसमें G+9 मंजिला अपार्टमेंट ब्लॉक्स बनाए जाएंगे, जिनमें सिविल, आर्किटेक्चर, इलेक्ट्रिकल, प्लंबिंग, सैनिटरी, फायर फाइटिंग, वॉटरप्रूफिंग, पानी के टैंक, एरिया डेवलपमेंट और ऑटोमेटेड लिफ्ट जैसी सभी सुविधाएं शामिल होंगी।
इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 900 वर्गफुट के 288 NOPR फ्लैट और लगभग 1,100 वर्गफुट के 72 OPR फ्लैट बनाए जाएंगे। पूरे काम को टाटा स्टील द्वारा तय स्टैंडर्ड और दायरे के अनुसार पूरा किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग ₹182.95 करोड़ (GST अतिरिक्त) है और इसे 24 महीनों के अंदर पूरा किया जाएगा।