तंबाकू सेक्टर के इस मल्टीबैगर पेनी स्टॉक में लगा अपर सर्किट! लाखों शेयरों में हुआ ट्रेड - शेयर प्राइस ₹60 से कम

बीएसई पर आज यह शेयर 53.80 रुपये पर ट्रेडिंग के लिए खुला था और अभी तक इसने अपना इंट्राडे हाई 55.15 रुपये को टच कर लिया है। इस छोटू शेयर ने निवेशकों को सिर्फ 1 साल में मल्टीबैगर रिटर्न देते हुए 133% का रिटर्न दिया है। 

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By Gaurav Kumar:

Multibagger Penny Stock: सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट बानाने वाली कंपनी, एलीटकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड (Elitecon International Ltd) के शेयर में आज 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा है। स्टॉक आज बीएसई पर पांच प्रतिशत की तेजी के साथ 55.15 रुपये पर स्थिर है। 

बीएसई पर आज यह शेयर 53.80 रुपये पर ट्रेडिंग के लिए खुला था और अभी तक इसने अपना इंट्राडे हाई 55.15 रुपये को टच कर लिया है। इस छोटू शेयर ने निवेशकों को सिर्फ 1 साल में मल्टीबैगर रिटर्न देते हुए 133% का रिटर्न दिया है। 

आज इस शेयर में यह तेजी हेवी ट्रेडिंग वॉल्यूम की वजह से आई है। बीएसई पर उपलब्ध डेटा के मुताबिक सुबह 10:42 बजे तक कंपनी के 3,82,328 इक्विटी शेयरों में ट्रेड हुआ है। फिलहाल इस कंपनी का मार्केट कैप 8,815.73 करोड़ रुपये है।

हाल ही में कंपनी ने दी थी ये जानकारी

हाल ही में कंपनी ने बताया था कि उसके बोर्ड ने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर दयानंद राय का 27 फरवरी 2026 से प्रभावी इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके अलावा कंपनी ने यह भी बताया कि बैठक में सनब्रिज एग्रो प्राइवेट लिमिटेड (SAPL) के प्रस्तावित अधिग्रहण को वापस लेने (रिवर्सल) पर भी अपडेट दिया था।

फाइलिंग में कंपनी ने बताया था कि 4 सितंबर 2025 को सनब्रिज एग्रो प्राइवेट लिमिटेड (SAPL) में नियंत्रण हिस्सेदारी हासिल करने के लिए शेयर खरीद समझौता (SPA) किया था। इसके तहत 31.25% हिस्सेदारी खरीदने के लिए कंपनी ने अपनी आंतरिक संसाधनों से भुगतान किया और ये शेयर कंपनी के नाम ट्रांसफर भी हो गए। बाकी भुगतान प्रस्तावित QIP (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) से मिलने वाली राशि से किया जाना था, लेकिन QIP सफल नहीं हो सका, इसलिए पैसा नहीं मिल पाया।

वहीं 44.99% गिरवी रखे गए शेयर SBICAP सिक्योरिटीज के पास पहले से ही प्लेज थे और उन्हें रिलीज करना जरूरी शर्त थी, जो पूरी नहीं हो सकी। इस कारण यह हिस्सा कंपनी को ट्रांसफर नहीं हो पाया और सौदे का वह भाग आगे नहीं बढ़ सका। कंपनी ने SAPL में संचालन जरूरतों के लिए पहले ही काफी धन निवेश किया है, लेकिन QIP से फंड न मिलने के कारण पूरा अधिग्रहण अटक गया।

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