एलपीजी सप्लाई संकट से ये सेक्टर प्रभावित! JM Financial ने इन शेयरों पर नजर रखने की दी सलाह

ब्रोकरेज फर्म JM Financial की फ्रेश स्ट्रैटेजी नोट के मुताबिक LNG वैल्यू चेन में कई जगह फोर्स मेज्योर नोटिस जारी हुए हैं और औद्योगिक उपभोक्ताओं को गैस सप्लाई में 10 से 50 फीसदी तक कटौती का सामना करना पड़ सकता है।

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By Gaurav Kumar:

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव अब भारत की गैस सप्लाई चेन पर असर डालने लगा है। ब्रोकरेज फर्म JM Financial की फ्रेश स्ट्रैटेजी नोट के मुताबिक LNG वैल्यू चेन में कई जगह फोर्स मेज्योर नोटिस जारी हुए हैं और औद्योगिक उपभोक्ताओं को गैस सप्लाई में 10 से 50 फीसदी तक कटौती का सामना करना पड़ सकता है।

इसका असर उन उद्योगों पर दिखने लगा है जो प्राकृतिक गैस या LPG पर निर्भर हैं- जैसे सिरेमिक, फर्टिलाइजर, केमिकल और फूड सर्विस सेक्टर। इन कंपनियों के सामने अब ऑपरेशनल बाधाएं और बढ़ती इनपुट लागत की चुनौती खड़ी हो रही है।

QSR और रेस्टोरेंट चेन 

JM Financial के अनुसार QSR कंपनियां जैसे Devyani International, Sapphire Foods, Westlife Foodworld और Restaurant Brands Asia गैस की कमी से प्रभावित हो सकती हैं।

ब्रोकरेज के मुताबिक Sapphire Foods में लगभग 63% खाना पकाने का काम LPG से होता है और कंपनी के पास केवल 7–8 दिन का बफर है। Restaurant Brands Asia ने स्थिति भांपते हुए करीब दो हफ्ते का बफर बना लिया है और जरूरत पड़ने पर कुछ प्रोडक्ट कैटेगरी बंद कर सकती है। Westlife Foodworld के पास फिलहाल करीब एक हफ्ते का बफर है, जिसके बाद कारोबार प्रभावित हो सकता है।

सिरेमिक उद्योग 

गुजरात के सिरेमिक क्लस्टर में गैस कटौती का असर पहले ही दिखने लगा है। Somany Ceramics और Cera Sanitaryware ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि Sabarmati Gas ने 6 मार्च से सप्लाई को 50% तक सीमित कर दिया है।

Morbi Ceramics Association के अध्यक्ष मनोज एरवाडिया ने भी कहा कि Gujarat Gas ने प्राकृतिक गैस की सप्लाई आधी कर दी है, जबकि LNG और प्रोपेन की सप्लाई पूरी तरह रुक गई है। मौजूदा सप्लाई स्तर पर कई फैक्ट्रियां सिर्फ 10–15 दिन ही चल सकती हैं।

केमिकल और फर्टिलाइज़र कंपनियां

केमिकल और फर्टिलाइजर कंपनियां भी दबाव में आ सकती हैं। Paradeep Phosphates और Coromandel International जैसी कंपनियां हर साल करीब 0.3-0.5 मिलियन टन अमोनिया आयात करती हैं।

JM Financial के अनुसार भारत के करीब 65% अमोनिया आयात सऊदी अरब और ओमान से होते हैं, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास स्थित हैं। इस क्षेत्र में शिपिंग रूट प्रभावित होने पर सप्लाई बाधित होने का जोखिम बढ़ जाता है। हाल के दिनों में नाइट्रिक एसिड, अमोनिया, मेथनॉल और एसेटिक एसिड समेत कई केमिकल्स के दाम पहले ही बढ़ने लगे हैं।

मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर

कंज्यूमर ड्यूरेबल और EMS कंपनियों- जैसे Amber Enterprises, Blue Star, Havells, Epack Durables और PG Electroplast को भी गैस की कमी का खतरा है।

PG Electroplast ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि मिडिल ईस्ट में समुद्री नेविगेशन प्रतिबंधों के कारण गैस कार्गो की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे सप्लाई कड़ी हो गई है। Amber में LPG फ्लेम्स का इस्तेमाल ब्रेज़िंग के लिए होता है और सप्लाई न मिलने पर मैन्युफैक्चरिंग में रुकावट आ सकती है।

ऑटो और डिजिटल प्लेटफॉर्म 

ऑटो कंपनियों के पास फिलहाल 6-7 दिन का इन्वेंट्री बफर है, लेकिन गैस की कमी लंबी चली तो उत्पादन पर असर पड़ सकता है।

इंटरनेट कंपनियां Eternal और Swiggy भी इनडायरेक्ट रूप से प्रभावित हो सकती हैं, क्योंकि गैस की कमी से रेस्टोरेंट ऑपरेशन बाधित होंगे। हालांकि घर पर खाना पकाने का ट्रेंड बढ़ने से क्विक कॉमर्स ऑर्डर बढ़ सकते हैं, लेकिन EBITDA स्तर पर असर नकारात्मक रह सकता है।

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