इस IT Stock में तूफानी तेजी! 1 अरब डॉलर निवेश योजना से 15% उछला शेयर - स्टॉक प्राइस अभी भी 25 रुपये से कम

कंपनी का शेयर सुबह 11 बजे तक बीएसई पर 15.03% या 2.72 रुपये चढ़कर 20.82 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। स्टॉक आज बीएसई पर 19.25 रुपये पर खुला था और अभी तक इसने अपना इंट्राडे हाई 21.30 रुपये को टच कर लिया है। 

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By Gaurav Kumar:

IT Stock: कारोबारी हफ्ते के पहले दिन शेयर बाजार में तेजी के बीच, स्मॉल कैप आईटी कंपनी ब्लू क्लाउड सॉफ्टेक सॉल्यूशंस लिमिटेड (Blue Cloud Softech Solutions Ltd) के शेयर में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। 

कंपनी का शेयर सुबह 11 बजे तक बीएसई पर 15.03% या 2.72 रुपये चढ़कर 20.82 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। स्टॉक आज बीएसई पर 19.25 रुपये पर खुला था और अभी तक इसने अपना इंट्राडे हाई 21.30 रुपये को टच कर लिया है। 

स्टॉक में क्यों है तेजी?

इस तेजी के पीछे कंपनी द्वारा आज दी गई एक बड़ी जानकारी है। दरअसल कंपनी ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि  Blue Cloud Softech Solutions Ltd. (BCSSL) भारत में AI आधारित न्यू जनरेशन के डेटा सेंटर और डिजिटल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से 1 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा।

कंपनी का टारगेट देशभर में 800 मेगावॉट तक डेटा सेंटर क्षमता बनाना है, जिससे वह भारत की अग्रणी और तकनीकी रूप से एडवांस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल हो सके। कंपनी ने बातया कि यह प्रोजेक्ट भारत की डिजिटल इकोनॉमी, राष्ट्रीय सुरक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और एंटरप्राइज डिजिटाइजेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

इस योजना के तहत बड़े शहरों और उभरते टेक हब में हाइपरस्केल और AI-ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर बनाए जाएंगे, जो मशीन लर्निंग, बड़े AI मॉडल (LLMs) और रियल-टाइम एनालिटिक्स के लिए डिजाइन किए जाएंगे। साथ ही हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) और GPU क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। कंपनी सरकार और रक्षा संस्थानों के लिए सुरक्षित और संप्रभु (Sovereign) क्लाउड वातावरण भी तैयार करेगी, जहां डेटा पूरी तरह भारतीय नियमों के अनुरूप सुरक्षित रहेगा।

BCSSL का दावा है कि उसका इंफ्रास्ट्रक्चर पारंपरिक डेटा सेंटर से अलग होगा, क्योंकि इसमें AI आधारित ऑटोमेशन, हाई क्वालिटी वाले सर्वर रैक, लिक्विड कूलिंग तकनीक, ऊर्जा दक्षता प्रबंधन और इनबिल्ट साइबर सुरक्षा सिस्टम शामिल होंगे।

 कंपनी ने बताया कि पहले चरण की शुरुआत FY 2026 में रेगुलेटरी मंजूरी के बाद होने की संभावना है, जिसके बाद मांग के अनुसार इसे धीरे-धीरे 800 मेगावॉट तक विस्तारित किया जाएगा। कंपनी को उम्मीद है कि इस पहल से उसे लॉन्ग टर्म और स्थिर आय मिलेगी, मुनाफे में सुधार होगा और भारत की डिजिटल संप्रभुता को मजबूती मिलेगी।

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