NPS में मिलते हैं ट्रिपल टैक्स फायदे, निवेश से पहले जानें कैसे बचा सकते हैं टैक्स
रिटायरमेंट के लिए निवेश करते समय सिर्फ रिटर्न ही नहीं बल्कि टैक्स फायदे भी अहम होते हैं। NPS में निवेश करने वालों को एक नहीं बल्कि तीन स्तर पर टैक्स लाभ मिल सकते हैं। जानिए कैसे निवेश के समय, रिटर्न और रिटायरमेंट के दौरान NPS आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

In Short
- NPS में निवेश करने वालों को निवेश के समय टैक्स छूट के साथ रिटर्न और रिटायरमेंट के समय निकासी पर भी टैक्स लाभ मिलते हैं।
- NPS में 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक और 80CCD के तहत अतिरिक्त 50 हजार रुपये तक टैक्स छूट का फायदा मिल सकता है।
- NPS में पोर्टफोलियो बदलने पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगता और रिटायरमेंट के समय एकमुश्त निकासी पर भी टैक्स लाभ मिलता है।
NPS Tax Benefits: नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS को आमतौर पर रिटायरमेंट के लिए निवेश का विकल्प माना जाता है। कई निवेशक इसे सिर्फ टैक्स बचाने का जरिया समझते हैं, लेकिन NPS में निवेश करने वालों को कई तरह के टैक्स फायदे भी मिलते हैं। इसमें निवेश, रिटर्न और मैच्योरिटी से जुड़ी सुविधाएं इसे दूसरे विकल्पों से अलग बनाती हैं।
NPS में क्या है ट्रिपल टैक्स फायदा?
NPS में निवेश करने वालों को तीन स्तर पर टैक्स लाभ मिलते हैं। पहला फायदा निवेश के समय मिलता है, दूसरा निवेश से मिलने वाले रिटर्न पर और तीसरा रिटायरमेंट के समय मिलने वाली राशि पर लागू होता है।
किसी भी रिटायरमेंट प्रोडक्ट का मूल्यांकन सिर्फ इस आधार पर नहीं करना चाहिए कि वह कितनी टैक्स छूट देता है। यह भी देखना जरूरी है कि अगले 25 या 30 साल में वह आपके लिए कितनी संपत्ति बनाने में मदद कर सकता है। यही बात NPS को अलग बनाती है।
पहला टैक्स लाभ क्या है?
नेशनल पेंशन सिस्टम में कर्मचारी को धारा 80C के तहत उपलब्ध 1.5 लाख रुपये की सीमा के अंदर टैक्स छूट मिल सकती है।
इसके अलावा धारा 80CCD के तहत अतिरिक्त छूट का भी प्रावधान है। कर्मचारी NPS में नियोक्ता के योगदान पर 50,000 रुपये तक की अतिरिक्त कटौती का लाभ ले सकते हैं।
- NPS में नियोक्ता का योगदान भी एक तय सीमा तक टैक्स लाभ के दायरे में आता है।
- पुरानी टैक्स व्यवस्था में बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का 10 प्रतिशत तक
- नई टैक्स व्यवस्था में बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का 14 प्रतिशत तक
- नियोक्ता का योगदान NPS खाते में जमा किया जा सकता है।
दूसरा टैक्स लाभ कैसे मिलता है?
NPS में इक्विटी और डेट के मिश्रण को समय-समय पर एडजस्ट करने की प्रक्रिया को पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग कहा जाता है।
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NPS में अलग-अलग पोर्टफोलियो को बदलने पर कोई कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगता। इसका मतलब है कि निवेशक अपने रिटायरमेंट फंड मैनेजर को बदल सकते हैं और इसे टैक्स इवेंट नहीं माना जाता।
तीसरा टैक्स लाभ क्या है?
मौजूदा नियमों के तहत गैर सरकारी निवेशक कुल जमा राशि का 80 प्रतिशत तक टैक्स फ्री एकमुश्त निकाल सकते हैं।
बाकी राशि का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से एन्युटी खरीदने के लिए किया जाता है, जिसमें खरीद के समय भी अनुकूल टैक्स छूट का लाभ मिलता है।
NPS का ट्रिपल टैक्स फायदा क्यों है जरूरी?
NPS सिर्फ निवेश के समय टैक्स बचाने तक सीमित नहीं है। इसमें निवेशक को पोर्टफोलियो में बदलाव, रिटायरमेंट के समय निकासी और लंबे समय तक संपत्ति बनाने से जुड़े फायदे मिलते हैं।
इसी वजह से NPS को रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए एक अलग विकल्प माना जाता है। निवेश करने से पहले अपनी जरूरत और भविष्य की वित्तीय योजना को ध्यान में रखना जरूरी है।