नौकरी बदलने वालों के लिए ITR गाइड, Form 16 में छिपी ये गलती पड़ सकती है भारी

अगर आपने वित्त वर्ष के दौरान नौकरी बदली है, तो ITR दाखिल करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। केवल Form 16 पर भरोसा करने से टैक्स की गड़बड़ी हो सकती है। जानिए क्या है पूरी खबर।

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By Gaurav Kumar:

Income Tax Return: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने का सीजन चल रहा है। ऐसे में जिन लोगों ने वित्त वर्ष के दौरान नौकरी बदली है, उन्हें रिटर्न भरते समय थोड़ी ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।

कई बार कर्मचारी सिर्फ अपने मौजूदा नियोक्ता से मिले Form 16 के आधार पर ITR दाखिल कर देते हैं, जिससे बाद में टैक्स की गड़बड़ी सामने आ सकती है। ऐसी स्थिति में अतिरिक्त टैक्स, ब्याज या आयकर विभाग की नोटिस का सामना भी करना पड़ सकता है।

नौकरी बदलने पर क्यों बढ़ जाती है परेशानी?

जब कोई कर्मचारी एक वित्त वर्ष में दो या उससे ज्यादा कंपनियों में काम करता है तो हर कंपनी उसके कार्यकाल के अनुसार वेतन और टैक्स की जानकारी तैयार करती है। अगर नई कंपनी को पुरानी कंपनी की आय की जानकारी नहीं दी गई हो, तो टैक्स की गणना अधूरी रह सकती है। ऐसे में दोनों कंपनियों से मिली सैलरी को जोड़कर कुल आय का सही हिसाब लगाना जरूरी होता है।

सिर्फ Form 16 पर भरोसा करना पड़ सकता है भारी

कई कर्मचारी मान लेते हैं कि Form 16 में दी गई जानकारी पूरी तरह सही है और उसी आधार पर ITR दाखिल कर देते हैं। लेकिन नौकरी बदलने वालों के मामले में यह हमेशा सही नहीं होता।

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हो सकता है कि Form 16 में केवल एक कंपनी की आय दिखाई गई हो, जबकि दूसरी कंपनी से मिली सैलरी उसमें शामिल न हो। ऐसी स्थिति में आपकी वास्तविक आय और ITR में दिखाई गई आय अलग हो सकती है।

Form 26AS और AIS जरूर करें चेक

ITR दाखिल करने से पहले Form 26AS और Annual Information Statement (AIS) की जांच करना बेहद जरूरी है। इन दस्तावेजों में आपकी आय और TDS से जुड़ी जानकारी दिखाई देती है।

अगर Form 16, Form 26AS और AIS में कोई अंतर दिखाई देता है, तो पहले उसे समझें और फिर सही जानकारी के साथ रिटर्न दाखिल करें।

HRA और अन्य छूटों में हो सकती है गड़बड़ी

नौकरी बदलने के दौरान कई बार कर्मचारी नई कंपनी को निवेश या टैक्स बचत से जुड़े दस्तावेज समय पर नहीं दे पाते। इससे HRA, 80C, NPS या अन्य टैक्स छूटों का लाभ Form 16 में सही तरीके से नहीं दिखता।

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हालांकि ITR भरते समय यदि आपके पास जरूरी दस्तावेज हैं, तो आप नियमों के अनुसार इन छूटों का दावा कर सकते हैं।

दोनों कंपनियों की सैलरी जोड़ना है जरूरी

अगर आपने साल के बीच में नौकरी बदली है, तो पुरानी और नई दोनों कंपनियों से मिले Form 16 को ध्यान से देखें। दोनों की सैलरी जोड़कर कुल आय निकालें और उसी के आधार पर ITR दाखिल करें।

सिर्फ एक Form 16 के आधार पर रिटर्न भरना भविष्य में परेशानी का कारण बन सकता है।

ITR भरने से पहले ये काम जरूर करें

  • पुरानी और नई दोनों कंपनियों के Form 16 इकट्ठा करें।
  • Form 26AS और AIS की जानकारी मिलाएं।
  • कुल वेतन और TDS की सही गणना करें।
  • टैक्स छूट और कटौतियों की दोबारा जांच करें।
  • किसी भी अंतर को समझने के बाद ही ITR दाखिल करें।

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