सिंगल, शादीशुदा, फ्रीलांसर, रिटायर्ड - जानिए किसे कितना रखना चाहिए इमरजेंसी फंड?

क्या आपका इमरजेंसी फंड आपकी मौजूदा जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त है? परिवार, उम्र और आय के आधार पर इसकी जरूरत बदलती रहती है। कई लोग सालों तक बचत तो करते हैं, लेकिन सही इमरजेंसी फंड नहीं बना पाते। जानिए आपके लिए कितना इमरजेंसी फंड होना चाहिए और वित्तीय सुरक्षा के लिए क्या है सही रणनीति।

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In Short

  • सिंगल लोगों के लिए 3 से 6 महीने, जबकि छोटे बच्चों वाले परिवारों के लिए कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड रखने की सलाह दी जाती है।
  • बुजुर्ग माता-पिता या बड़े बच्चों वाले परिवारों को 9 से 12 महीने, जबकि फ्रीलांसर और उद्यमियों को 12 से 18 महीने के खर्च के बराबर फंड रखना चाहिए।
  • रिटायर लोगों के लिए 24 से 36 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड सबसे सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि उनकी नियमित आय सीमित होती है।

By Gaurav Kumar:

Emergency Fund: जीवन में कब कौन सी आर्थिक परेशानी आ जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। नौकरी छूटना, अचानक बीमारी, घर की मरम्मत या किसी अन्य आपात स्थिति में इमरजेंसी फंड वित्तीय सुरक्षा देने का काम करता है। हालांकि हर व्यक्ति के लिए इसकी जरूरत एक जैसी नहीं होती। परिवार, उम्र और इनकम के आधार पर इमरजेंसी फंड की राशि भी बदलती रहती है।

सिंगल लोगों के लिए कितना फंड जरूरी?

अगर आप सिंगल हैं और आप पर किसी की आर्थिक जिम्मेदारी नहीं है, तो 3 से 6 महीने के घरेलू खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड रखना एक अच्छी शुरुआत मानी जाती है। इससे अचानक आने वाले खर्चों का सामना बिना कर्ज लिए किया जा सकता है।

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छोटे बच्चों वाले परिवारों को रखना चाहिए बड़ा फंड

जिन परिवारों में छोटे बच्चे हैं, उन्हें कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड बनाकर रखना चाहिए। चाहे परिवार की आय एक व्यक्ति पर निर्भर हो या दोनों कमाते हों, बच्चों से जुड़ी अचानक जरूरतों और अन्य वित्तीय चुनौतियों को देखते हुए यह फंड काफी अहम माना जाता है।

बुजुर्ग माता-पिता और बड़े बच्चों वाले परिवारों के लिए सलाह

अगर परिवार में बड़े बच्चे हैं या बुजुर्ग माता-पिता साथ रहते हैं, तो स्वास्थ्य संबंधी खर्चों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में 9 से 12 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड रखना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। इससे मेडिकल इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों में आर्थिक दबाव कम हो सकता है।

अनियमित आय वालों को ज्यादा तैयारी की जरूरत

पेशेवरों, फ्रीलांसरों और उद्यमियों की आय हर महीने एक जैसी नहीं होती। ऐसे लोगों के लिए 12 से 18 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड रखना बेहतर माना जाता है। इससे आय में उतार-चढ़ाव आने पर भी वित्तीय स्थिरता बनी रहती है।

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रिटायरमेंट के बाद सबसे ज्यादा जरूरी होता है इमरजेंसी फंड

रिटायर्ड लोगों के लिए इमरजेंसी फंड की जरूरत सबसे अधिक मानी जाती है। उन्हें 24 से 36 महीने के खर्च के बराबर राशि अलग रखनी चाहिए। रिटायरमेंट के बाद नियमित आय के स्रोत सीमित हो जाते हैं, इसलिए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त नकद बचत होना बेहद जरूरी है।

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