कितने क्रेडिट इंक्वायरी करने से रिजेक्ट हो सकता है आपके Credit Card का आवेदन?
बहुत से लोगों को लगता है कि केवल सिबिल स्कोर अच्छा होना काफी है, लेकिन हकीकत यह है कि बार-बार की गई क्रेडिट इंक्वायरी भी बैंक के फैसले को सीधे प्रभावित करती है।

जब भी आप क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन या किसी अन्य लोन के लिए आवेदन करते हैं, बैंक या वित्तीय संस्थान आपका क्रेडिट स्कोर चेक करते हैं। इस प्रक्रिया को क्रेडिट इंक्वायरी कहा जाता है। हर बार आवेदन करने पर यह इंक्वायरी आपके क्रेडिट रिकॉर्ड में दर्ज हो जाती है।
बहुत से लोगों को लगता है कि केवल सिबिल स्कोर अच्छा होना काफी है, लेकिन हकीकत यह है कि बार-बार की गई क्रेडिट इंक्वायरी भी बैंक के फैसले को सीधे प्रभावित करती है।
ज्यादा इंक्वायरी क्यों बनती है परेशानी?
बार-बार क्रेडिट के लिए आवेदन करना बैंक के लिए खतरे की घंटी माना जाता है। ज्यादा इंक्वायरी यह संकेत देती है कि आवेदक जल्दी-जल्दी कर्ज लेना चाहता है या उस पर पहले से आर्थिक दबाव हो सकता है। ऐसे मामलों में बैंक जोखिम लेने से बचते हैं।
कितनी इंक्वायरी पर बैंक हो जाते हैं सख्त?
आमतौर पर अगर 6 महीने के भीतर 3 से 4 हार्ड इंक्वायरी हो जाएं, तो बैंक सतर्क हो जाते हैं। वहीं, 6 या उससे ज्यादा इंक्वायरी कई बैंकों के लिए रेड फ्लैग मानी जाती है। ऐसी स्थिति में अच्छा क्रेडिट स्कोर होने के बावजूद आवेदन रिजेक्ट किया जा सकता है।
हार्ड और सॉफ्ट इंक्वायरी में फर्क
सॉफ्ट इंक्वायरी से नुकसान नहीं होता। जब आप खुद अपना क्रेडिट स्कोर चेक करते हैं, तो वह सॉफ्ट इंक्वायरी होती है, जिसका स्कोर पर कोई असर नहीं पड़ता। बैंक या एनबीएफसी द्वारा किया गया स्कोर चेक हार्ड इंक्वायरी कहलाता है, जो क्रेडिट प्रोफाइल को प्रभावित करती है।
बार-बार रिजेक्शन से कैसे बचें?
अगर आपका क्रेडिट कार्ड आवेदन रिजेक्ट हो गया है, तो तुरंत किसी दूसरी जगह आवेदन न करें। बेहतर होगा कि 3 से 6 महीने का ब्रेक लें। इस दौरान अपने मौजूदा लोन और क्रेडिट कार्ड की ईएमआई या बिल समय पर चुकाएं और क्रेडिट लिमिट का इस्तेमाल 30 प्रतिशत से कम रखें।
कब दोबारा करें आवेदन?
जब पुरानी इंक्वायरी का असर कम हो जाए और क्रेडिट प्रोफाइल स्थिर दिखने लगे, तब दोबारा आवेदन करना ज्यादा अच्छा रहेगा। अगर आप सीमित और सोच-समझकर आवेदन करेंगे तो आपके कार्ड के अप्रूवल के चांस बढ़ जाएगा।