कभी ज्यादा तो कभी कम कमाई वाले Freelancers ऐसे करें Tax Planning! एक्सपर्ट से जानिए सभी जरूरी बातें

फ्रीलांसर और कंटेंट क्रिएटर्स की कमाई हर महीने अलग हो सकती है। कभी ज्यादा ब्रांड डील मिलती हैं तो कभी इनकम कम हो जाती है। ऐसे में टैक्स प्लानिंग और एडवांस टैक्स का सही हिसाब रखना जरूरी है। ज्यादा टैक्स भरने पर रिफंड मिल सकता है जबकि कम भुगतान पर ब्याज लग सकता है।

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In Short

  • फ्रीलांसर और कंटेंट क्रिएटर की बदलती कमाई पर एडवांस टैक्स का हिसाब अनुमानित इनकम के आधार पर होता है।
  • ज्यादा टैक्स भरने पर रिटर्न फाइल करने के बाद अतिरिक्त रकम वापस मिल सकती है।
  • कम एडवांस टैक्स जमा करने पर बकाया रकम पर ब्याज देना पड़ सकता है।

By Gaurav Kumar:

आज के समय में कई लोग फ्रीलांसिंग और कंटेंट क्रिएशन से कमाई कर रहे हैं। लेकिन इनकी सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि इनकी इनकम हर महीने एक जैसी नहीं होती। कभी किसी महीने ज्यादा ब्रांड डील मिल जाती हैं तो कमाई बढ़ जाती है और कभी इनकम कम हो जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसी बदलती हुई कमाई पर टैक्स कैसे देना चाहिए।

अनियमित कमाई को कैसे करें रिपोर्ट?

फ्रीलांसर या कंटेंट क्रिएटर की कमाई को बिजनेस इनकम माना जा सकता है। ऐसी इनकम पर एडवांस टैक्स का हिसाब पूरे साल की अनुमानित कमाई के आधार पर किया जाता है।

यानी आपको पहले यह अंदाजा लगाना होता है कि पूरे साल में आपकी कितनी कमाई हो सकती है और उसी हिसाब से टैक्स जमा करना होता है।

ज्यादा एडवांस टैक्स भर दिया तो क्या होगा
कई बार ऐसा हो सकता है कि आपने साल की शुरुआत में ज्यादा कमाई का अनुमान लगा लिया हो और उसी हिसाब से ज्यादा एडवांस टैक्स भर दिया हो।

अगर ऐसा होता है तो आपका पैसा डूबता नहीं है। जब आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं तो ज्यादा जमा किया गया टैक्स रिफंड के रूप में वापस मिल सकता है।

हालांकि रिफंड मिलने तक कुछ समय के लिए आपका पैसा ब्लॉक रह सकता है।

कम टैक्स जमा करने पर देना पड़ सकता है ब्याज?

अगर आपने अपनी कमाई का सही अनुमान नहीं लगाया और एडवांस टैक्स कम जमा कर दिया तो बाद में परेशानी हो सकती है।

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अगर टैक्स में ज्यादा कमी रह जाती है तो उस पर ब्याज देना पड़ सकता है। इसलिए फ्रीलांसर और कंटेंट क्रिएटर्स को अपनी कमाई पर नजर रखनी चाहिए और समय समय पर टैक्स का अनुमान बदलते रहना चाहिए।

Capital Gain की स्थिति अलग होती है?

कुछ इनकम ऐसी होती हैं जिनका पहले से अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। जैसे अगर किसी व्यक्ति ने साल के आखिर में अपना घर बेच दिया और उससे कैपिटल गेन हुआ तो इसकी जानकारी साल की शुरुआत में नहीं हो सकती थी।

ऐसी स्थिति में अलग नियम लागू हो सकते हैं। लेकिन बिजनेस इनकम में व्यक्ति को अपनी अनुमानित कमाई के आधार पर एडवांस टैक्स की तैयारी करनी होती है।

Creators के लिए जरूरी टैक्स टिप

फ्रीलांसर और कंटेंट क्रिएटर्स को अपनी कमाई और खर्चों का हिसाब रखना चाहिए। बदलती हुई इनकम के बावजूद अगर आप अपनी सालाना कमाई का सही अनुमान लगाते हैं तो टैक्स भरने में आसानी होगी।

ज्यादा टैक्स भरने पर रिफंड मिल सकता है और कम टैक्स भरने पर ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है।

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