FD vs Post Office: 1, 3 और 5 साल में कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न और ज्यादा सुरक्षा? जानिए पूरा हिसाब
इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे की 1 साल, 3 साल और 5 साल की अवधि में आपको कौन ज्यादा रिटर्न देगा - एफडी या पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग स्कीम?

भारत में सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले निवेशकों के बीच Fixed Deposit (FD) और Post Office Small Savings Schemes सबसे पॉपुलर ऑप्शन बने हुए हैं। दोनों में निवेश की सुरक्षा और तय रिटर्न मिलता है, लेकिन ब्याज दर, लिक्विडिटी, टैक्स और फ्लेक्सिबिलिटी के मामले में बड़ा अंतर है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे की 1 साल, 3 साल और 5 साल की अवधि में आपको कौन ज्यादा रिटर्न देगा - एफडी या पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग स्कीम?
1 साल के निवेश में कौन बेहतर?
बैंकों की FD फिलहाल 6.20% से 7.40% तक ब्याज दे रही हैं। वरिष्ठ नागरिकों को कुछ बैंकों में 7.90% तक रिटर्न मिल रहा है।
IDFC FIRST Bank, Bandhan Bank और RBL Bank जैसे प्राइवेट और स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे ज्यादा ब्याज ऑफर कर रहे हैं। वहीं HDFC Bank, ICICI Bank और State Bank of India की FD दरें 6.25% से 6.50% के बीच हैं।
इसके मुकाबले Post Office की एक-साल की Time Deposit स्कीम करीब 6.9% ब्याज दे रही है। हालांकि लिक्विडिटी और समय से पहले निकासी की सुविधा के कारण छोटी अवधि में FD ज्यादा सुविधाजनक मानी जाती है।
3 साल के निवेश में कौन बेहतर?
3 साल की अवधि पर Post Office Time Deposit करीब 7.1% रिटर्न दे रही है। यह ज्यादातर बैंक FD के बराबर या उससे बेहतर है।
हालांकि कुछ प्राइवेट बैंक 7.40% तक ब्याज दे रहे हैं, लेकिन पोस्ट ऑफिस स्कीम को सरकारी गारंटी मिलती है जिसके कारण जोखिम बेहद कम रहता है।
5 साल के निवेश में कौन बेहतर?
लंबी अवधि में पोस्ट ऑफिस स्कीम, बैंक FD से आगे निकलती दिख रही हैं। 5 साल के पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट स्कीम निवेशकों को करीब 7.5% और National Savings Certificate (NSC) करीब 7.7% ब्याज दे रहा है। इसके मुकाबले अधिकतर बैंक 5 साल की FD पर 6% से 6.75% तक ही रिटर्न दे रहे हैं।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) सबसे आकर्षक विकल्प बना हुआ है, जहां करीब 8.2% तक ब्याज मिल रहा है।
निवेशकों के लिए क्या हैं बड़ा फर्क?
पोस्ट ऑफिस स्कीम को सरकार की गारंटी मिलती है, जबकि बैंक FD में सिर्फ 5 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस कवर होता है। दूसरी ओर बैंक FD में लिक्विडिटी ज्यादा होती है और जरूरत पड़ने पर आसानी से पैसा निकाला जा सकता है।
टैक्सेशन के लिहाज से दोनों ऑप्शन टैक्सेबल हैं, लेकिन NSC और 5 साल Time Deposit जैसी योजनाएं Section 80C के तहत टैक्स छूट का फायदा देती हैं।
किसे चुनना चाहिए?
अगर निवेशक को शॉर्ट टर्म जरूरतों के लिए फ्लेक्सिबिलिटी और लिक्विडिटी चाहिए तो 1 से 3 साल की बैंक FD बेहतर विकल्प हो सकती है। लेकिन लंबी अवधि में ज्यादा सुरक्षित और बेहतर रिटर्न चाहने वालों के लिए Post Office schemes ज्यादा मजबूत दिखती हैं।