FD Interest Rate: Repo Rate कम होने के बाद बैंक ने बदल दिया ब्याज दर, यहां चेक करें एफडी लेटेस्ट इंटरेस्ट रेट
FD Interest Rate: RBI के रेपो रेट कम करने के बाद कई बैंकों ने एफडी के इंटरेस्ट रेट में बदलाव किया है। अगर आप भी एफडी में निवेश करने का प्लान कर रहे हैं तो आपको एक बार सभी बैंक के लेटेस्ट एफडी रेट को जरूर चेक करना चाहिए।

फरवरी के शुरुआत में भारतीय रिजर्व बैंक की द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में रेपो रेट को कम कर दिया गया। रेपो रेट 6.50 फीसदी से 0.25 फीसदी की कटौती के साथ 6.25 फीसदी कर हो गया। रेपो रेट कम होने के बाद कई बैंक ने एफडी के ब्याज दरों में बदलाव किया है। अगर आप भी एफडी करने का प्लान कर रहे हैं तो आपको इन बैंक के लेटेस्ट एफडी रेट को जरूर चेक करना चाहिए। इन ब्याज दरों के माध्यम से आप जान पाएंगे कि कौन-सा बैंक ज्यादा इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
ये है लेटेस्ट एफडी इंटरेस्ट रेट (Latest FD Interest Rate)
| बैंक | 1 साल | 2 साल | 3 साल | 5 साल |
| स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) | 6.8% | 7.00% | 6.75% | 6.50% |
| एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) | 6.60% | 7.00% | 7.00% | 6.50% |
| आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) | 6.70% | 7.25% | 7.00% | 6.20% |
| कोटक बैंक | 7.10% | 7.15% | 7.00% | 6.20% |
| पंजाब नेशनल बैंक (PNB) | 6.80% | 6.80% | 6.50% | 6.50% |
आपको बता दें कि सीनियर सिटिजन को एफडी पर 0.50% का अतिरिक्त फायदा मिलता है।
इन बातों का रखें ध्यान
एफडी भले ही काफी सिक्योर और सेफ ऑप्शन है। लेकिन, इसमें निवेश करते समय कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है। नीचे हम आपको बताएंगे कि एफडी में निवेश करते वक्त आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
एफडी का सही टेन्योर सेलेक्ट करना बेहद जरूरी है। अगर आप सही टेन्योर सेलेक्टल नहीं करते हैं तो प्री-मैच्योर करने पर पेनल्टी लगती है। प्री-मैच्योर पर 1 फीसदी की पेनल्टी लगती है।
अगर आप एफडी में 10 लाख रुपये का निवेश करने का सोच रहे हैं तो आपको कभी भी एक एफडी में निवेश नहीं करना चाहिए। 10 लाख रुपये के निवेश के लिए आप 1 लाख रुपये की 8 एफडी और 50 हजार रुपये की पांच एफडी में निवेश कर सकते हैं। आपको ऐसा इसलिए करना चाहिए कि आपात स्थिति में केवल एक ही एफडी तुड़वानी पड़े और बाकी एफडी सेफ रहें।
हमेशा सेविंग्स एफडी (Savings FD) करवाना चाहिए। सेविंग्स एफडी का टेन्योर 5 साल का होता है। इस एफडी में आयकर अधिनियम के 80सी धारा के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है। आपको बता दें कि यह लाभ केवल ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) पर मिलता है।