सुपरहिट साबित हुई ये सरकारी स्कीम! 9 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े, मिलती है गारंटीड पेंशन
इस सरकारी योजना ने 9 करोड़ सब्सक्राइबर का आंकड़ा पार कर लिया है। 2015 में शुरू हुई इस योजना में वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1.35 करोड़ नए लोग जुड़े। यह योजना असंगठित क्षेत्र के लोगों को 60 साल के बाद 1,000 से 5,000 रुपये तक की गारंटीड मासिक पेंशन देती है।

Government Scheme: सरकार की सबसे सफल योजनाओं में से एक 'अटल पेंशन योजना' (APY) ने सफलता का एक नया कीर्तिमान रच दिया है। बीते बुधवार, 21 अप्रैल को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस गारंटीड पेंशन स्कीम से जुड़ने वाले सब्सक्राइबर्स की कुल संख्या 9 करोड़ के पार पहुंच गई है।
साल 2015 में शुरू हुई इस योजना के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केवल वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान ही 1.35 करोड़ से ज्यादा नए लोगों ने इसमें अपना नामांकन कराया है।
असंगठित क्षेत्र के लिए बड़ा सहारा
पीआईबी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह किसी भी एक वित्त वर्ष में होने वाला अब तक का सबसे बड़ा नामांकन है। वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि योजना कितनी लोकप्रिय हो चुकी है।
दरअसल, केंद्र सरकार ने इस योजना को खास तौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया था जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। इसमें किसान, दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक और छोटे दुकानदार शामिल हैं, जिनके पास बुढ़ापे के लिए कोई औपचारिक पेंशन सुविधा नहीं होती। योजना का मुख्य उद्देश्य इन वर्गों को सामाजिक सुरक्षा देना है ताकि 60 साल की उम्र के बाद उन्हें पैसों के लिए किसी पर निर्भर न रहना पड़े।
निवेश की शर्तें और फायदे
अटल पेंशन योजना के तहत निवेशकों को 60 साल की उम्र पूरी होने पर 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये प्रति माह तक की न्यूनतम पेंशन की गारंटी मिलती है।
पेंशन की यह राशि इस बात पर निर्भर करती है कि निवेशक ने किस उम्र में जुड़ना शुरू किया और वह हर महीने कितना योगदान दे रहा है।
नियमों के मुताबिक, 18 से 40 वर्ष की आयु का कोई भी भारतीय नागरिक इसमें निवेश शुरू कर सकता है। इसके लिए निवेशक के पास बैंक या डाकघर में बचत खाता होना अनिवार्य है। साथ ही, 1 अक्टूबर 2022 के बाद से प्रभावी नियम के अनुसार, आवेदन करने वाला व्यक्ति आयकरदाता नहीं होना चाहिए।
20 साल का नियमित निवेश जरूरी
इस स्कीम का पूरा लाभ लेने के लिए कम से कम 20 साल तक निवेश करना जरूरी होता है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति 40 साल की उम्र में इस योजना से जुड़ता है, तो उसे 60 वर्ष की आयु तक अपना योगदान जारी रखना होगा।
योजना को ट्रांसपेरेंट और अपडेटेड रखने के लिए सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी सब्सक्राइबर्स अपने खाते को मोबाइल नंबर से लिंक करवाएं।