अब 3 लोगों को बना सकेंगे नॉमिनी, म्यूचुअल फंड-डीमैट निवेशकों के लिए बदला नियम

अब म्यूचुअल फंड और डीमैट निवेशकों के लिए नॉमिनी चुनने का तरीका बदलने वाला है। नए नियमों के तहत निवेशक एक से ज्यादा लोगों को नॉमिनी बना सकेंगे और यह भी तय कर सकेंगे कि उनके निवेश का कितना हिस्सा किसे मिले।

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In Short

  • 1 सितंबर 2026 से योग्य सिंगल-होल्डर डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड फोलियो में अधिकतम 3 नॉमिनी बनाए जा सकेंगे।
  • निवेशक नॉमिनी के बीच अपने निवेश को तय प्रतिशत में बांट सकेंगे। अगर प्रतिशत नहीं दिया गया, तो संपत्ति बराबर हिस्से में बांटी जाएगी।
  • सिंगल-होल्डर अकाउंट में नॉमिनेशन नहीं करना है तो नॉमिनेशन फील्ड खाली छोड़ने के बजाय साइन किया हुआ ऑप्ट-आउट डिक्लेरेशन देना होगा।

By Gaurav Kumar:

mutual fund nominee rules 2026: म्यूचुअल फंड और डीमैट अकाउंट में निवेश करने वालों के लिए नॉमिनी से जुड़े नियम 1 सितंबर 2026 से बदलने वाले हैं। नए नियमों के तहत निवेशक एक से ज्यादा नॉमिनी चुन सकेंगे और अपने निवेश को उनके बीच तय अनुपात में बांट भी सकेंगे। अगर आपने भी म्यूचुअल फंड या डीमैट में पैसा लगा रखा है, तो नए नियमों के तहत नॉमिनेशन को समझना जरूरी है।

3 नॉमिनी बना सकेंगे निवेशक

सेबी के नए नॉमिनेशन फ्रेमवर्क के तहत योग्य सिंगल-होल्डर डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड फोलियो में निवेशक अधिकतम 3 लोगों को नॉमिनी बना सकेंगे। निवेशक यह भी तय कर पाएंगे कि उनके निवेश का कितना प्रतिशत हिस्सा किस नॉमिनी को मिले।

उदाहरण के लिए, तीन नॉमिनी होने पर निवेशक 50:30:20 का अनुपात तय कर सकता है। इसी तरह दो नॉमिनी के लिए 60:40 और तीन नॉमिनी के लिए 40:30:30 का अनुपात भी रखा जा सकता है।

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प्रतिशत नहीं बताया तो बराबर बंटेगा पैसा

अगर निवेशक कई नॉमिनी तो बनाता है, लेकिन उनके हिस्से का प्रतिशत नहीं बताता, तो संपत्ति बराबर हिस्सों में बांटी जाएगी। दो नॉमिनी होने पर दोनों को 50-50 प्रतिशत मिलेगा। वहीं तीन नॉमिनी होने पर प्रत्येक को एक-तिहाई हिस्सा मिलेगा।

अगर हिस्से बांटने के बाद सिक्योरिटीज या यूनिट्स की संख्या पूरी तरह बराबर नहीं बैठती और कोई ऑड लॉट या फ्रैक्शनल बैलेंस बचता है, तो वितरण नियमों के अनुसार बची हुई सिक्योरिटीज या यूनिट्स पहले नॉमिनी को ट्रांसफर की जाएंगी।

नॉमिनेशन नहीं करना है तो भी देना होगा डिक्लेरेशन

1 सितंबर से सिंगल-होल्डर डीमैट अकाउंट खोलते समय या योग्य म्यूचुअल फंड फोलियो रजिस्टर करते समय नॉमिनेशन फील्ड को खाली नहीं छोड़ा जा सकेगा।

अगर कोई निवेशक नॉमिनी नहीं बनाना चाहता, तो उसे साइन किया हुआ डिक्लेरेशन देकर नॉमिनेशन से ऑप्ट आउट करना होगा। यानी नॉमिनेशन नहीं करने का फैसला भी अब औपचारिक रूप से दर्ज करना होगा।

जॉइंट अकाउंट पर क्या होगा?

जॉइंटली होल्ड किए गए डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड फोलियो में नॉमिनेशन अभी भी ऑप्शनल रहेगा। ऐसे अकाउंट में नॉमिनेशन करने या मौजूदा नॉमिनेशन में बदलाव के लिए सभी जॉइंट होल्डर्स की सहमति जरूरी होगी।

नॉमिनी की डिटेल्स अपडेट रखना जरूरी

निवेशकों को समय-समय पर अपनी नॉमिनी डिटेल्स चेक करनी चाहिए। शादी, तलाक, किसी नॉमिनी की मौत या बच्चे के जन्म जैसी बड़ी घटनाओं के बाद नॉमिनेशन को अपडेट करना जरूरी हो सकता है।

सही नॉमिनेशन से निवेशक की मौत के बाद म्यूचुअल फंड यूनिट्स और दूसरी सिक्योरिटीज को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया आसान हो सकती है। हालांकि, सिर्फ नॉमिनी बनाए जाने से वह व्यक्ति अपने आप निवेश का कानूनी मालिक नहीं बन जाता। एसेट्स पर सक्सेशन से जुड़े अधिकार अलग कानूनी नियमों के तहत तय हो सकते हैं।

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