Tata Gold ETF और Tata Gold ETF FoF में नए निवेश पर AMC ने लगाई रोक - चेक करें डिटेल्स

कंपनी ने कहा कि मौजूदा आर्थिक और बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। नई इंवेस्टमेंट पर रोक 8 जून 2026 से लागू हो गई है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।

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By Gaurav Kumar:

टाटा एसेट मैनेजमेंट कंपनी (Tata AMC) ने गोल्ड ETF निवेशकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। फंड हाउस ने Tata Gold Exchange Traded Fund (ETF) और Tata Gold ETF Fund of Fund (FoF) में नए इंवेस्टमेंट पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है। हालांकि यह सभी निवेशकों के लिए नहीं है। 

कंपनी ने कहा कि मौजूदा आर्थिक और बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। नई इंवेस्टमेंट पर रोक 8 जून 2026 से लागू हो गई है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।

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टाटा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF)

कंपनी ने बताया कि 8 जून 2026 से टाटा म्यूचुअल फंड के साथ सीधे निवेश करने वाले बड़े निवेशकों के 25 करोड़ रुपये या उससे अधिक के नए निवेश स्वीकार नहीं किए जाएंगे। हालांकि, यह प्रतिबंध मार्केट मेकर्स और ऑथराइज्ड पार्टिसिपेंट्स पर लागू नहीं होगा, ताकि फंड में पर्याप्त तरलता (लिक्विडिटी) बनी रहे।

टाटा गोल्ड ETF फंड ऑफ फंड (FoF)

कंपनी ने बताया कि इस योजना में एकमुश्त निवेश और स्विच-इन लेनदेन की सीमा प्रति पैन (PAN) प्रति कैलेंडर माह 10 लाख रुपये तय की गई है। यह सीमा पहले होल्डर के स्तर पर लागू होगी।

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ये प्रतिबंध अस्थायी हैं। बाजार और आर्थिक परिस्थितियों की लगातार समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर भविष्य में इन शर्तों में बदलाव किया जा सकता है।

SIP, SWP रहेगी चालू

फंड हाउस ने यह भी कहा कि निवेशकों की नियमित जरूरतों को देखते हुए रिडेम्प्शन, स्विच-आउट, सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) और सिस्टेमैटिक विदड्रॉल प्लान (SWP) जैसी सुविधाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। इन लेनदेन पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई है।

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कंपनी के अनुसार दोनों स्कीमों की अन्य शर्तों और रिस्क-ओ-मीटर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी मौजूदा निवेशकों के लिए स्कीम की जोखिम प्रोफाइल पहले जैसी ही बनी रहेगी।

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