एक ही फंड में बड़ी और उभरती कंपनियों में निवेश का मौका! जानिए अपने लिए कैसे चुनें सही लार्ज एंड मिड कैप फंड
लार्ज कैप फंड मार्केट कैप के आधार पर 1-100 रैंक वाली कंपनियों में निवेश करते हैं, जबकि मिड कैप फंड 101-250 रैंक वाली कंपनियों में पैसा लगाते हैं। इन्हीं दोनों का मिश्रण है लार्ज एंड मिड कैप फंड।

Large and Mid-Cap Fund: इक्विटी म्यूचुअल फंड की दुनिया में लार्ज कैप और मिड कैप फंड सबसे पॉपुलर कैटेगरी है। लार्ज कैप फंड मार्केट कैप के आधार पर 1-100 रैंक वाली कंपनियों में निवेश करते हैं, जबकि मिड कैप फंड 101-250 रैंक वाली कंपनियों में पैसा लगाते हैं। इन्हीं दोनों का मिश्रण है लार्ज एंड मिड कैप फंड।
क्या है लार्ज एंड मिड कैप फंड?
यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी फंड है, जिसे कम से कम 35% निवेश लार्ज कैप और 35% मिड कैप शेयरों में करना जरूरी है। इससे निवेशक को बड़ी कंपनियों की स्थिरता और मिड कैप कंपनियों की संभावित तेज ग्रोथ- दोनों का फायदा एक ही स्कीम में मिलता है।
यह काम कैसे करता है?
SEBI के 35:35 नियम के बाद बचा 30% हिस्सा फंड मैनेजर बाजार की स्थिति के हिसाब से कहीं भी लगा सकता है। अगर बाजार में अनिश्चितता है तो लार्ज कैप का वेटेज बढ़ाया जा सकता है। तेजी के दौर में मिड कैप हिस्सेदारी बढ़ाकर ग्रोथ पर दांव लगाया जा सकता है।
निवेश से पहले इन बातों पर दें ध्यान
- इन फंड में लंबी अवधि का नजरिया जरूरी है। ऐसे फंड 5-10 साल के टारगेट जैसे वेल्थ क्रिएशन या रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए बेहतर माने जाते हैं।
- निवेशकों को इन फंड्स का रिस्क प्रोफाइल भी समझना चाहिए। मिड कैप हिस्सेदारी उतार-चढ़ाव बढ़ा सकती है, जबकि लार्ज कैप गिरावट में सहारा देती है।
- Expense Ratio भी निवेशकों को देखना चाहिए। डायरेक्ट प्लान में आमतौर पर लागत कम होती है।
- इसके अलावा फंड मैनेजर का ट्रैक रिकॉर्ड, सेक्टर अलोकेशन और रोलिंग रिटर्न जैसे इंडेक्स- जैसे Nifty LargeMidcap 250 TRI से तुलना भी करनी चाहिए।
क्या यह है सही निवेश?
अगर आपका टारगेट लंबी अवधि का है और आप मीडियम से हाई जोखिम ले सकते हैं, तो लार्ज एंड मिड कैप फंड को कोर इक्विटी पोर्टफोलियो का हिस्सा बनाया जा सकता है। SIP के जरिए नियमित निवेश और बाजार गिरावट में धैर्य रखना बेहतर रणनीति हो सकती है।