पैरेंट्स रिटायरमेंट सेविंग्स भी बच्चों पर क्यों कर रहे हैं कुर्बान?

भारतीयों को अपने बच्चों को हायर एजुकेशन के लिए विदेश भेजना ज्यादा पसंद आ रहा है। इसके लिए वो अपनी सामर्थ्य से ज्यादा रकम खर्च करने के साथ ही रिटायरमेंट प्लानिंग को भी किनारे कर देते हैं। ये दावा HSBC के 'Quality of Life Report 2024' में किया गया है। इसमें कहा गया है कि रिटायरमेंट सेविंग्स पर दबाव पड़ने के बावजूद भारतीय परिवार अपने बच्चों की विदेशी कॉलेजों में पढ़ाने के लिए जमकर खर्च कर रहे हैं।

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पैरेंट्स रिटायरमेंट सेविंग्स भी बच्चों पर  कर रहे हैं कुर्बान
पैरेंट्स रिटायरमेंट सेविंग्स भी बच्चों पर कर रहे हैं कुर्बान

By Harsh Verma:

भारतीयों को अपने बच्चों को हायर एजुकेशन के लिए विदेश भेजना ज्यादा पसंद आ रहा है। इसके लिए वो अपनी सामर्थ्य से ज्यादा रकम खर्च करने के साथ ही रिटायरमेंट प्लानिंग को भी किनारे कर देते हैं। ये दावा HSBC के 'Quality of Life Report 2024' में किया गया है। इसमें कहा गया है कि रिटायरमेंट सेविंग्स पर दबाव पड़ने के बावजूद भारतीय परिवार अपने बच्चों की विदेशी कॉलेजों में पढ़ाने के लिए जमकर खर्च कर रहे हैं। 

भारतीय माता-पिता अपने बच्चों की विदेशों में शिक्षा के खर्च को उठाने का इरादा रखते हैं

इस रिपोर्ट के मुताबिक 90% भारतीय माता-पिता अपने बच्चों की विदेशों में शिक्षा के खर्च को उठाने का इरादा रखते हैं,जो कभी-कभी उनकी रिटायरमेंट सेविंग्स का 64% तक कम कर देता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर लोकप्रिय एजुकेशन डेस्टिनेशंस हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक 78 फीसदी भारतीय परिवार या तो अपने बच्चों को विदेशों में पढ़ाई के लिए भेजने की तैयारी कर रहे हैं या उनके बच्चे पहले से ही विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं।

खर्च बढ़ने और महंगाई के असर से इन महंगी एजुकेशन के लिए रकम का इंतजाम करना ज्यादातर परिवारों के लिए चुनौती

हालांकि, रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खर्च बढ़ने और महंगाई के असर से इन महंगी एजुकेशन के लिए रकम का इंतजाम करना ज्यादातर परिवारों के लिए चुनौती बन गया है। ऐसे में केवल पर्सनल सेविंग्स से ये संभव नहीं हो पा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक 53 फीसदी भारतीय माता-पिता के पास शिक्षा बचत योजना है। जबकि 40 परसेंट उम्मीद करते हैं कि उनके बच्चे छात्र लोन लेकर विदेशों में पढ़ाई करेंगे। 51 फीसदी को स्कॉलरशिप मिलने की उम्मीद है। वहीं 27 फीसदी लोग Properties को बेचने पर भी विचार करेंगे। 

पैसों का इंतजाम करने के अलावा, माता-पिता

पैसों का इंतजाम करने के अलावा, माता-पिता को कोर्स का चुनाव करने, कॉलेज में एडमिशन दिलाने और दूसरी तैयारियों के मुद्दों का भी सामना करना पड़ता है जो उनके तनाव को और बढ़ा देता है। HSBC इंडिया के मुताबिक बढ़ती लागत, महंगाई और हेल्थ से जुड़े खर्चे प्रमुख चिंताओं में शामिल हैं। सर्वे में लोगों की बचत और खर्च से जुड़ी आदतों का भी विस्तार से जिक्र किया गया है जिसमें कहा गया है कि 45 फीसदी लोग अपने परिवार को वित्तीय मदद देने को प्राथमिकता देते हैं। जबकि 41 परसेंट लोग भविष्य के लिए पैसे सुरक्षित करने पर ध्यान देते हैं और 38 फीसदी लोग रिटायरमेंट की योजना बनाते हैं। इसके अलावा 71 परसेंट भारतीय खुद को वित्तीय तौर पर मजबूत बनाते हैं। 62 फीसदी ने नकदी में बढ़ोतरी की बात की है। दिलचस्प बात है कि 58 फीसदी लोग रिटायरमेंट के बाद भी काम करना चाहते हैं और 86 फीसदी अपने पैसों के लिए वेल्थ मैनेजमेंट सलाहकारों की मदद लेते हैं। यानी अब लोग पैसों को लेकर प्रोफेशनल्स तक की मदद लेने से पीछे नहीं हटते हैं।

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