Himachal Heart Attack: सोलन में पंजाबी भजन पर डांस कर रहे शख्स को आया हार्ट अटैक

इंडियन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, बीते सालों में 50 वर्ष से कम उम्र के 50 फीसदी और 40 साल से कम उम्र के 25 फीसदी लोगों में हार्ट अटैक का जोखिम देखा गया है। मतलब, नौजवानों में दिल के दौरे की घटनाएं बढ़ रही हैं और महिलाओं के मुकाबले पुरुष दिल की बीमारी से ज्यादा ग्रसित हो रहे हैं।

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सोलन में पंजाबी भजन पर डांस कर रहे शख्स को आया हार्ट अटैक
सोलन में पंजाबी भजन पर डांस कर रहे शख्स को आया हार्ट अटैक

By BT बाज़ार डेस्क:

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में देवी मां के जागरण में एक शख्स डीजे पर डांस कर रहा था। वह डांस करते-करते अचानक गिर गया।उसे आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। सोलन जिले के कोंडी गांव में जागरण के दौरान डीजे पर नाचते-नाचते 41 वर्षीय कृष्ण नामक एक व्यक्ति की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, कोंडी के मेहर सिंह के यहां माता का जागरण रखा गया था। इसमें प्रस्तुति देने के लिए पंजाब से कीर्तन मंडली बुलाई गई थी।एक भजन पर कृष्ण और उसके साथी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान महिला के लिबास में अपने साथियों के साथ नाच रहा कृष्ण अचानक बेहोश होकर गिर गया था।

बेहोशी के बाद पहुंचाया गया अस्पताल

कीर्तन मंडली के दूसरे सदस्यों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उठ पाया। जिसके बाद उसे बेहोशी की हालत में उठाकर आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत की असल वजहों का पता नहीं चल पाया है, वो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। माना जा रहा है कि कृष्ण की मौत हार्ट अटैक से हुई है। अस्पताल में कृष्ण का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।  

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नौजवानों में हार्ट अटैक की घटनाएं बढ़ीं 

इंडियन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, बीते सालों में 50 वर्ष से कम उम्र के 50 फीसदी और 40 साल से कम उम्र के 25 फीसदी लोगों में हार्ट अटैक का जोखिम देखा गया है। मतलब, नौजवानों में दिल के दौरे की घटनाएं बढ़ रही हैं और महिलाओं के मुकाबले पुरुष दिल की बीमारी से ज्यादा ग्रसित हो रहे हैं। दिल की बीमारियों के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर, तनाव, मोटापा और अनियमित जीवन शैली बड़ा कारण नजर आती हैं। इतना ही नहीं भारत के नौजवानों में शुगर की परेशानी इतनी तेजी से बढ़ रही है कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो साल 2045 तक भारत में 13 करोड़ से भी अधिक लोग शुगर के मरीज हो सकते हैं। 

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