Paytm के दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित

मर्चेंट सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में बढ़ोतरी और लोन बिजनेस में उछाल के कारण न सिर्फ कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन बढ़ा है, बल्कि सभी कारोबारी मोर्चों पर इसका प्रदर्शन भी बेहतर दिख रहा है। 30 सितंबर को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का कैश बैलेंस बढ़कर 8,754 करोड़ रुपए हो गया, जो जून तिमाही के आखिरी में 8,367 करोड़ रुपए रहा था।

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Paytm की पेरेंट कंपनी One97 Communications ने 20 अक्टूबर को FY 2023-24 की दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं
Paytm की पेरेंट कंपनी One97 Communications ने 20 अक्टूबर को FY 2023-24 की दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं

By BT बाज़ार डेस्क:

Paytm की पेरेंट कंपनी One97 Communications ने 20 अक्टूबर को FY 2023-24 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। Q2FY24 में Paytm का नेट लॉस करीब आधा कम होकर 292 करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की समान तिमाही (Q2FY23) में कंपनी का नेट लॉस 571.5 करोड़ रुपए रहा था। ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV), मर्चेंट सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू और लोन बिजनेस में बढ़ोतरी से कंपनी को अपना घाटा कम करने में मदद मिली है। Paytm का सितंबर तिमाही में रेवेन्यू 32% बढ़कर 2,519 करोड़ रुपए रहा, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 1,914 करोड़ रुपए रहा था। कंपनी का डायरेक्ट एक्सपेंस सितंबर तिमाही में 1,093 करोड़ रुपए रहा। तिमाही आधार पर पेटीएम का रेवेन्यू 7% बढ़ा है। इसका जून तिमाही में रेवेन्यू 2,341 करोड़ रुपए रहा था। वहीं कंपनी का नेट लॉस जून तिमाही में 358 करोड़ रुपए रहा था।

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पेटीएम ने शेयर बाजारों (BSE-NSE) को बताया, 'हमने सितंबर तिमाही में 32% रेवेन्यू ग्रोथ की अपनी रफ्तार जारी रखी है। यहां ये बताना जरूरी है कि पिछले साल फेस्विट सीजन में हुई ऑनलाइन बिक्री के आंकड़े तीसरी तिमाही में आएंगे। जबकि पिछले साल अधिकतर बिक्री दूसरी तिमाही में ही रही थी। Paytm का एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन प्रोग्राम (ESOP) पर खर्च सितंबर तिमाही में 385 करोड़ रुपए रहा। वहीं इसका टोटल खर्च 14% बढ़कर 2,936 करोड़ रुपए रहा। कंपनी का पेमेंट बिजनेस से रेवेन्यू 28% बढ़कर 1,524 करोड़ रुपए रहा। वहीं नेट पेमेंट मार्जिन करीब 60% बढ़कर 707 करोड़ रुपए हो गया। मर्चेंट सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में बढ़ोतरी और लोन बिजनेस में उछाल के कारण न सिर्फ कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन बढ़ा है, बल्कि सभी कारोबारी मोर्चों पर इसका प्रदर्शन भी बेहतर दिख रहा है। 30 सितंबर को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का कैश बैलेंस बढ़कर 8,754 करोड़ रुपए हो गया, जो जून तिमाही के आखिरी में 8,367 करोड़ रुपए रहा था।

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