Johnson & Johnson बेबी पाउडर केस में बड़ा समझौता, 5.5 अरब डॉलर चुकाने को तैयार कंपनी
जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी पाउडर से जुड़े कैंसर मामलों में कंपनी ने बड़ा कदम उठाया है। सालों से चल रही कानूनी लड़ाई को खत्म करने के लिए अरबों डॉलर के समझौते का प्रस्ताव रखा गया है। जानिए क्या है पूरा मामला, कितने लोगों के दावे शामिल हैं और कंपनी ने क्यों लिया ये फैसला।

In Short
- Johnson & Johnson ने बेबी पाउडर कैंसर मामलों को निपटाने के लिए 5.5 अरब डॉलर के समझौते का प्रस्ताव रखा है।
- यह समझौता अमेरिका में दायर करीब 76,000 ओवेरियन कैंसर दावों को कवर करेगा।
- 95% दावेदारों की मंजूरी मिलने पर कंपनी के खिलाफ चल रही लंबी कानूनी लड़ाई खत्म हो सकती है।
जॉनसन एंड जॉनसन (J&J) ने अपने बेबी पाउडर और टैल्क आधारित प्रोडक्ट्स को लेकर चल रहे कैंसर मामलों को खत्म करने के लिए करीब 5.5 अरब डॉलर के समझौते का प्रस्ताव रखा है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह डील अमेरिका में दायर करीब 76,000 ओवेरियन कैंसर मामलों को निपटाने के लिए की जा रही है। अगर 95% दावेदार इस समझौते को स्वीकार कर लेते हैं तो कंपनी के खिलाफ चल रही लंबी कानूनी लड़ाई खत्म हो सकती है।
एक दशक से चल रहा था कानूनी विवाद
जॉनसन एंड जॉनसन के खिलाफ बेबी पाउडर और अन्य टैल्क आधारित उत्पादों को लेकर पिछले कई सालों से मुकदमे चल रहे थे। इन मामलों में महिलाओं ने आरोप लगाया था कि इन उत्पादों के इस्तेमाल से उन्हें ओवेरियन कैंसर हुआ।
यह विवाद अमेरिका की सबसे लंबे समय तक चलने वाली प्रोडक्ट लायबिलिटी कानूनी लड़ाइयों में से एक रहा है। इस दौरान कई ट्रायल, अपील और कंपनी की ओर से मामले को सुलझाने के लिए किए गए प्रयास भी हुए।
क्यों कर रही है कंपनी समझौता?
जॉनसन एंड जॉनसन ने हमेशा इन आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उसके टैल्क आधारित प्रोडक्ट सुरक्षित हैं और उनमें एस्बेस्टस नहीं पाया गया है। कंपनी ने यह भी कहा है कि वह इन दावों को सही नहीं मानती, लेकिन लंबे समय से चल रही महंगी कानूनी प्रक्रिया को खत्म करने के लिए समझौता कर रही है।
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कंपनी के मुताबिक, वह 2027 में करीब 3 अरब डॉलर का भुगतान करेगी और बाकी राशि 2028 में दी जाएगी।
समझौते की रकम बढ़ भी सकती है
हालांकि, अंतिम भुगतान राशि अभी तय नहीं है। पीड़ित पक्ष के वकील क्रिस सीगर ने बताया कि अगर ज्यादा लोग इस समझौते में शामिल होते हैं तो जॉनसन एंड जॉनसन का कुल भुगतान 7 अरब डॉलर से ज्यादा भी हो सकता है।
क्या थे कंपनी पर आरोप?
मामलों में महिलाओं ने दावा किया था कि लंबे समय तक जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी पाउडर और टैल्क उत्पादों के इस्तेमाल के बाद उन्हें ओवेरियन कैंसर हुआ। कुछ याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया था कि टैल्क में एस्बेस्टस मौजूद था, जो कैंसर का कारण बन सकता है।
कंपनी ने इन दोनों आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उसके उत्पादों की सुरक्षा को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद हैं। साल 2020 में कंपनी ने अमेरिका में टैल्क आधारित बेबी पाउडर की बिक्री बंद कर दी थी और उसकी जगह कॉर्नस्टार्च आधारित उत्पाद पेश किया था।
पहले भी असफल रही थी कंपनी की कोशिश
मामले को सुलझाने के लिए जॉनसन एंड जॉनसन ने "टेक्सास टू-स्टेप" नाम की कानूनी रणनीति अपनाई थी। इसके तहत कंपनी ने एक अलग इकाई बनाई थी, जिसने दिवालियापन प्रक्रिया के जरिए मामलों को निपटाने की कोशिश की थी। हालांकि, अदालतों ने कंपनी की तीनों दिवालियापन कोशिशों को खारिज कर दिया था।
अब यह समझौता दावेदारों की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अगर 76,000 में से 95% दावेदार इसे स्वीकार कर लेते हैं तो कंपनी के खिलाफ चल रहे ज्यादातर पुराने मामलों का समाधान हो सकता है।