दिल्ली-मुंबई ही नहीं! भारत के ये जिले बन रहे हैं नई आर्थिक महाशक्ति, जानिए कहां सबसे तेजी से बढ़ रही है दौलत

भारत के अमीर इलाकों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। कहीं टेक्नोलॉजी पैसा और नौकरियां बढ़ा रही है तो कहीं कॉरपोरेट कंपनियां, फैक्ट्रियां और पर्यटन विकास की नई कहानी लिख रहे हैं। जानिए कैसे कुछ जिले पुराने महानगरों को पीछे छोड़कर देश के नए आर्थिक पावरहाउस बन रहे हैं

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In Short

  • रंगारेड्डी और बेंगलुरु में आईटी कंपनियों, स्टार्टअप, डेटा सेंटर और विदेशी निवेश से नौकरियां और कमाई तेजी से बढ़ी हैं।
  • गुरुग्राम, नोएडा और अहमदाबाद ने कॉरपोरेट ऑफिस, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, फैक्ट्रियों और कारोबार के दम पर अपनी अलग आर्थिक पहचान बनाई है।
  • गोवा में घूमने आने वाले पर्यटकों और सोलन में दवा कंपनियों व फैक्ट्रियों की वजह से लोगों को काम मिला और उनकी कमाई बढ़ी।

By Gaurav Kumar:

India’s New Wealth Hubs: भारत के सबसे अमीर इलाकों की सूची अब केवल बड़े और पुराने महानगरों तक सीमित नहीं रही। छोटे शहरों और आसपास के जिलों में भी तेजी से पैसा लगाया जा रहा है, नई कंपनियां आ रही हैं और लोगों के लिए नौकरी के मौके बढ़ रहे हैं। अलग-अलग कारोबार इन इलाकों की कमाई और तरक्की को बढ़ा रहे हैं। लेकिन रंगारेड्डी और बेंगलुरु जैसे इलाकों को टेक्नोलॉजी ने किस तरह अमीर और मजबूत बनाया है?

टेक्नोलॉजी से बदली रंगारेड्डी और बेंगलुरु की तस्वीर

तेलंगाना का रंगारेड्डी जिला तेजी से देश के बड़े टेक और बिजनेस इलाकों में शामिल हो गया है। हैदराबाद के आईटी हब, बड़ी विदेशी कंपनियों के ऑफिस, डेटा सेंटर, दवा बनाने वाली कंपनियों और महंगे हाउसिंग प्रोजेक्ट्स ने यहां कमाई और नौकरियों के मौके बढ़ाए हैं।

बेंगलुरु अर्बन को भारत की टेक राजधानी कहा जाता है। यहां बड़ी आईटी कंपनियों के साथ हजारों स्टार्टअप भी काम कर रहे हैं। देश और विदेश से आने वाले पैसे की वजह से नौकरियां बढ़ रही हैं। इसके साथ घरों की मांग, होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे कारोबार भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

लेकिन टेक्नोलॉजी से अलग गुरुग्राम किस तरह बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों का सबसे पसंदीदा ठिकाना बन गया?

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गुरुग्राम बना कॉरपोरेट कंपनियों का गढ़

कभी दिल्ली के पास एक छोटा शहर माना जाने वाला गुरुग्राम आज देश की बड़ी कंपनियों का प्रमुख ठिकाना बन गया है। यहां कई भारतीय और विदेशी कंपनियों के बड़े ऑफिस हैं। ऊंची इमारतें, महंगे घर, बड़े शॉपिंग मॉल और शानदार होटल अब इस शहर की पहचान बन चुके हैं।

अच्छी सड़कें, मेट्रो की सुविधा और दिल्ली एयरपोर्ट के पास होने का भी गुरुग्राम को काफी फायदा मिला है। कंपनियों और नौकरी करने वाले लोगों की बढ़ती संख्या से यहां घरों, दुकानों, होटलों और दूसरे कारोबार की मांग भी तेजी से बढ़ी है।

लेकिन नोएडा और अहमदाबाद ने कारोबार और कमाई के मामले में अपनी अलग पहचान कैसे बनाई?

नोएडा और अहमदाबाद की अलग विकास कहानी

गौतम बुद्ध नगर यानी नोएडा और ग्रेटर नोएडा ने चौड़ी सड़कों, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, इलेक्ट्रॉनिक्स की फैक्ट्रियों, आईटी कंपनियों और नए एयरपोर्ट प्रोजेक्ट की वजह से तेजी से तरक्की की है। यहां बेहतर सुविधाएं मिलने से नई कंपनियां और फैक्ट्रियां आ रही हैं। इसके साथ घरों और दुकानों के नए प्रोजेक्ट भी लगातार बढ़ रहे हैं।

वहीं अहमदाबाद की कमाई का बड़ा हिस्सा कपड़ा कारोबार, दवा कंपनियों, फैक्ट्रियों और दूसरे व्यापार से आता है। यहां के कारोबारियों ने शहर को पश्चिम भारत के बड़े बिजनेस ठिकानों में शामिल कर दिया है।

लेकिन गोवा ने पर्यटन और सोलन ने फैक्ट्रियों के दम पर अपनी कमाई कैसे बढ़ाई?

पर्यटन से गोवा तो उद्योग से चमका सोलन

गोवा की कमाई का बड़ा हिस्सा समुद्र किनारे घूमने आने वाले लोगों, होटलों, रेस्टोरेंट, नाइटलाइफ और पुरानी इमारतों से जुड़े पर्यटन से आता है। देश और विदेश से आने वाले सैलानी यहां होटल, टैक्सी, दुकानों और छोटे कारोबारों की कमाई बढ़ाते हैं।

वहीं हिमाचल प्रदेश के सोलन की कहानी अलग है। यहां दवा बनाने वाली कंपनियों और फैक्ट्रियों के आने से नौकरियां बढ़ी हैं और कारोबार को भी रफ्तार मिली है। पहाड़, जंगल और अच्छा मौसम भी बड़ी संख्या में पर्यटकों को यहां खींचता है।

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