भारत में इंटर्न्स की बल्ले बल्ले, HFT कंपनियां दे रहीं 2 महीने के लिए 60 लाख रुपये तक का पैकेज
भारत में हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग कंपनियां क्वांट टैलेंट को जोड़ने के लिए इंटर्न्स को रिकॉर्ड पैकेज दे रही हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ HFT फर्म्स दो महीने की इंटर्नशिप के लिए लाखों रुपये का भुगतान कर रही हैं। इसकी वजह तेज ट्रेडिंग मॉडल बनाने वाले इंजीनियरों की बढ़ती मांग है।

In Short
- भारत की HFT कंपनियां क्वांट टैलेंट को आकर्षित करने के लिए इंटर्न्स को रिकॉर्ड पैकेज दे रही हैं।
- Quadeye दो महीने की इंटर्नशिप के लिए करीब 60 लाख रुपये तक का भुगतान कर रही है।
- ग्लोबल ट्रेडिंग कंपनियां भी भारतीय इंजीनियरिंग छात्रों को बड़े पैकेज के साथ हायर कर रही हैं।
भारत में हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग यानी HFT कंपनियां अब इंटर्न्स को आकर्षित करने के लिए रिकॉर्ड रकम खर्च कर रही हैं। इन कंपनियों को ऐसे युवाओं की तलाश है जो गणितीय मॉडल तैयार कर सकें और तेज रफ्तार से ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी बना सकें।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में डेरिवेटिव मार्केट पर बढ़ते नियमों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों की कमी के बीच HFT फर्म्स क्वांट टैलेंट को अपने साथ जोड़ने के लिए भारी पैकेज ऑफर कर रही हैं।
इंटर्न्स को मिल रहे लाखों रुपये के पैकेज
गुड़गांव की HFT कंपनी Quadeye अपने इंटर्न्स को हर महीने 30 लाख रुपये यानी करीब 31,346 डॉलर का भुगतान कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक दो महीने की इंटर्नशिप के लिए कंपनी करीब 60 लाख रुपये दे रही है।
यह रकम पिछले साल के मुकाबले करीब चार गुना ज्यादा बताई जा रही है। यह भुगतान भारत के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों को दिए जाने वाले दो महीने के इंटर्नशिप प्रोग्राम के लिए है।
Graviton और ग्लोबल कंपनियां भी दे रहीं बड़ा पैकेज
भारत की एक और HFT कंपनी Graviton Research Capital LLP ने भी इंटर्नशिप पैकेज में बड़ा इजाफा किया है। कंपनी अब दो महीने की इंटर्नशिप के लिए करीब 50 लाख रुपये तक दे रही है, जो पहले करीब 16 लाख रुपये था।
वहीं वैश्विक कंपनियां भी भारतीय टैलेंट को आकर्षित कर रही हैं। Amsterdam की IMC Trading BV ने इंटर्नशिप पैकेज को दोगुना कर करीब 50 लाख रुपये कर दिया है। Optiver Holding BV करीब 60 लाख रुपये का पैकेज ऑफर कर रही है।
क्वांट टैलेंट की मांग क्यों बढ़ी?
HFT कंपनियों को ऐसे इंजीनियरों की जरूरत होती है जो ट्रेडिंग मॉडल बना सकें और बाजार में कम समय में मौके पहचानकर तेजी से ट्रेड कर सकें।
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भर्ती फर्म Aquis Search के पार्टनर Daniel Vaz के मुताबिक, ग्लोबल HFT कंपनियां सीधे कैंपस से टैलेंट हायर करने में ज्यादा रुचि दिखा रही हैं। कंपनियां युवाओं को शुरुआत से ट्रेन करना पसंद कर रही हैं ताकि उन्हें अपनी जरूरत के हिसाब से तैयार किया जा सके।
बाजार में चुनौतियों के बावजूद बढ़ी मांग
भारत के शेयर बाजार में निवेशकों की रुचि कम होने और डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर नियम सख्त होने के बावजूद क्वांट टैलेंट की मांग बढ़ रही है।
भारतीय रिजर्व बैंक के सख्त नियमों का असर डेरिवेटिव गतिविधियों पर पड़ा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में फ्यूचर्स और ऑप्शंस का औसत दैनिक कारोबार जुलाई में 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया।
मार्केट रेगुलेटर की एक स्टडी के मुताबिक HFT समेत प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग फर्म्स का ग्रॉस प्रॉफिट मार्च तक के 12 महीनों में पिछले साल के मुकाबले 3 फीसदी घटा है।
विदेशी बाजारों में भी बढ़ रहा विस्तार
भारतीय HFT कंपनियां अब सिर्फ घरेलू इक्विटी डेरिवेटिव तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। वे दूसरे एसेट क्लास और विदेशी बाजारों में भी विस्तार कर रही हैं।
इसी वजह से अच्छे क्वांट इंजीनियरों की मांग लगातार बढ़ रही है। कंपनियों को जूनियर से मिड लेवल तक के पदों के लिए भी पर्याप्त योग्य उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं।