भारत में जापानी निवेश बढ़ाने की तैयारी, पीयूष गोयल ने निवेश और GIFT City पर की अहम बातचीत

पीयूष गोयल ने जापान की प्रमुख वित्तीय और निवेश संस्थाओं के साथ बैठक कर भारत में लंबे समय के निवेश को बढ़ाने पर चर्चा की। जापानी संस्थाओं ने भारत की ग्रोथ पर भरोसा जताया। बैठक में सेमीकंडक्टर AI रिन्यूएबल एनर्जी ग्रीन हाइड्रोजन और GIFT City जैसे अवसरों पर भी बात हुई।

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In Short

  • पीयूष गोयल ने जापान की बड़ी वित्तीय संस्थाओं से भारत में लंबे समय का निवेश बढ़ाने पर चर्चा की।
  • सेमीकंडक्टर AI डेटा सेंटर रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे सेक्टरों में बड़े मौके बताए।
  • जापानी संस्थाओं ने भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ पर भरोसा जताया और निवेश प्रक्रिया आसान बनाने पर जोर दिया।

By Gaurav Kumar:

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को जापान की प्रमुख वित्तीय और निवेश संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान भारत में लंबे समय के पूंजी निवेश को बढ़ाने, निवेश साझेदारी को मजबूत करने और भारत की ग्रोथ स्टोरी में जापानी संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई।

किन संस्थाओं ने लिया हिस्सा?

बैठक में Mitsubishi UFJ Financial Group यानी MUFG, Development Bank of Japan यानी DBJ, Mizuho, Morgan Stanley, Nomura और Nippon Life के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में भारत की आर्थिक स्थिति, निवेश के नए अवसर और जापानी संस्थागत निवेश को और आसान बनाने के उपायों पर विचार साझा किए गए।

गोयल ने बताई भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत

पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने पिछले साल 7.7 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की। उन्होंने यह भी कहा कि भारत 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में काम कर रहा है।

गोयल ने भारत के मजबूत बैंकिंग सेक्टर, बेहतर कैपिटल एडिक्वेसी और कम नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में मिडिल क्लास लगातार बढ़ रहा है और लोगों की डिस्पोजेबल इनकम में भी इजाफा हो रहा है।

इन सेक्टरों में जापान के लिए मौके

गोयल के मुताबिक, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर्स, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में जापानी कंपनियों के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं।

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वाणिज्य मंत्रालय के बयान के अनुसार, जापानी वित्तीय संस्थाओं ने भारत के साथ अपनी बढ़ती भागीदारी का जिक्र किया और देश की लंबी अवधि की ग्रोथ संभावनाओं पर भरोसा जताया।

MUFG से Nippon Life तक क्या बोले?

MUFG ने Shriram Finance में करीब 4 अरब डॉलर के निवेश और रिन्यूएबल एनर्जी व हाइड्रोजन में बढ़ती रुचि की जानकारी दी। DBJ ने अपनी अलग India Strategy और प्रॉपर्टी डेवलपमेंट, वेंचर कैपिटल तथा दूसरे लॉन्ग टर्म निवेश क्षेत्रों में बढ़ती रुचि के बारे में बताया।

Mizuho ने भारत में काम कर रही जापानी कंपनियों की बेहतर होती प्रॉफिटेबिलिटी और पुणे में अपने Global Capability Centre सहित भारत में बढ़ते ऑपरेशंस का जिक्र किया।

Morgan Stanley ने भारत को अपने सबसे अहम ग्लोबल लोकेशंस में से एक बताया, जहां उसके 19,000 से ज्यादा कर्मचारी हैं। Nomura ने भारत में अपनी पुरानी मौजूदगी और AI तथा साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी क्षमताओं की भूमिका बताई। Nippon Life ने लंबे समय के patient capital की अहमियत पर जोर दिया और भारत में अपने कारोबार से मजबूत रिटर्न का जिक्र किया।

निवेश आसान बनाने पर भी चर्चा

बैठक में प्रॉफिट रिपैट्रिएशन की प्रक्रिया आसान करने, भारतीय कैपिटल मार्केट तक पहुंच बेहतर बनाने और लंबे समय के निवेशकों के लिए रेगुलेटरी प्रेडिक्टेबिलिटी बढ़ाने पर भी बात हुई।

जापानी संस्थाओं ने भारत को लेकर अपना लंबी अवधि का नजरिया सकारात्मक बताया, लेकिन साथ ही कहा कि करेंसी मूवमेंट और कुछ रेगुलेटरी तथा पॉलिसी से जुड़े मुद्दे कम अवधि के निवेश फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं।

बैठक में GIFT City को भारत में अंतरराष्ट्रीय पूंजी के प्रवेश के अहम गेटवे और भारत-जापान के बीच क्रॉस बॉर्डर निवेश बढ़ाने के प्लेटफॉर्म के तौर पर भी देखा गया।

गोयल ने कहा कि भारत सिर्फ पूंजी नहीं चाहता, बल्कि ऐसी लंबी अवधि की साझेदारी चाहता है जो टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, रोजगार और ग्लोबल वैल्यू चेन के साथ बेहतर जुड़ाव भी लेकर आए।

यह चर्चा ऐसे समय हुई है जब भारत और जापान ने अगले दशक में भारत में 10 ट्रिलियन येन के जापानी निजी निवेश को जुटाने का लक्ष्य रखा है।

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